Click Here
Click Here
Click Here
Click Here
Click Here

हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन चुनाव को लेकर गहराया विवाद, 5 अगस्त के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के आगामी चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है. हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुमित प्रकाश ने चुनाव प्रेक्षकों...

झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के आगामी चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है. हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुमित प्रकाश ने चुनाव प्रेक्षकों के समक्ष एक औपचारिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर 5 अगस्त 2026 के प्रस्ताव को तुरंत वापस लेने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने माँग की है कि चुनाव प्रक्रिया को केवल 31 जुलाई 2026 की अधिसूचना के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाए और प्रेक्षक यह स्पष्ट करें कि उनकी भूमिका केवल पर्यवेक्षी है और वे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम नहीं करेंगे.

चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद बदलाव संभव नहीं 

प्रतिवेदन में कहा गया है कि चुनाव प्रेक्षकों का काम केवल चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता की निगरानी करना है. उनके पास विधायी या न्यायिक शक्तियां नहीं हैं कि वे चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में बदलाव करें. 5 अगस्त के प्रस्ताव के जरिए चुनाव प्रक्रिया जारी रहने के दौरान ही पदों के आरक्षण में बदलाव कर दिया गया है जो कि अवैध है. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन बनाम बी.डी. कौशिक मामले का हवाला देते हुए कहा गया कि सर्वोच्च अदालत के अनुसार चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद आरक्षण रोस्टर या चुनाव ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता.

​मीना ए. जगपत ने और अधिवक्ता सुमित प्रकाश भी रखा अपना पक्ष 

​मीना ए. जगपत मामले के आदेश का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया कि वह फैसला केवल गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के लिए था जिसे पूरे देश के बार एसोसिएशंस पर सार्वभौमिक रूप से लागू नहीं किया जा सकता. अधिवक्ता सुमित प्रकाश ने कहा है कि अगर इस प्रस्ताव को वापस नहीं लिया गया तो चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और निष्पक्षता प्रभावित होगी.

ASLO READ : विधानसभा सत्र को लेकर BJP का सरकार पर हमला, JPSC-JSSC और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर मांगा जवाब

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *