Giridih: जिले के जमुआ प्रखंड स्थित नवडीहा ओपी एक बार फिर विवादों में है. गादी नवडीहा निवासी एवं मुखिया बिनोद साव ने नवडीहा ओपी प्रभारी सबीता महतो पर भूमि विवाद मामले में पक्षपातपूर्ण और कथित रूप से गलत जांच प्रतिवेदन देने का आरोप लगाया है. उन्होंने पुलिस अधीक्षक गिरिडीह को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है. शिकायत की प्रतिलिपि उपायुक्त, नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भी भेजी गई है.
1939 के दस्तावेज का हवाला
शिकायत में कहा गया है कि मौजा नवडीहा, खाता संख्या-34, प्लॉट संख्या-249 की करीब 2 एकड़ 35 डिसमिल भूमि वर्ष 1939 में उनके दादा झगरू साव और तालेबर साव ने पंजीकृत दस्तावेज के माध्यम से खरीदी थी. बाद में पारिवारिक बंटवारे के बाद यह भूमि उनके हिस्से में आई, जिसमें से कुछ जमीन उन्होंने अपनी पुत्री के नाम हस्तांतरित कर दी.

दो जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल
मुखिया बिनोद साव का आरोप है कि आनंद साव एवं अन्य लोगों द्वारा जमीन पर दावा किए जाने के बाद मामला अनुमंडल पदाधिकारी, खोरीमहुआ के न्यायालय में पहुंचा. न्यायालय के निर्देश पर नवडीहा ओपी से जांच रिपोर्ट मांगी गई. पहली रिपोर्ट में पुलिस ने जमीन विवाद और तनाव की स्थिति स्वीकार की थी, जबकि दूसरी रिपोर्ट में कथित तौर पर अलग तथ्य प्रस्तुत करते हुए दूसरे पक्ष को वास्तविक कब्जाधारी बताया गया.

एसपी से कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता का आरोप है कि भूमि स्वामित्व तय करना पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, फिर भी जांच प्रतिवेदन में एक पक्ष के पक्ष में टिप्पणी कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया. उन्होंने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, विभागीय जांच शुरू करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
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