Hazaribagh: जिले के दारू, टाटीझरिया और बरकट्ठा क्षेत्र इन दिनों जंगली हाथियों के आतंक से जूझ रहे हैं. एक ओर झुंड से बिछड़ा आक्रामक अकेला हाथी गांवों में फसल और संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है, वहीं दूसरी ओर 24 हाथियों का झुंड खैरा के सिझुआ क्षेत्र से बरकट्ठा तक सक्रिय है. इससे ग्रामीणों और किसानों में दहशत का माहौल है. दारू-टाटीझरिया सीमा के गोधिया-महुआटांड में अकेले हाथी ने कई किसानों के मक्के और धान की फसल रौंद दी, साथ ही चारदीवारी भी तोड़ दी. ग्रामीणों का कहना है कि यही हाथी पहले भी कई गांवों में नुकसान पहुंचा चुका है.
खैरा के सिझुआ में 24 हाथियों के झुंड की दस्तक
उधर, खैरा के सिझुआ क्षेत्र में 24 हाथियों का झुंड पहुंचने के बाद वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है. पटाखे, टॉर्च और ढोल-नगाड़ों की मदद से हाथियों को आबादी से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है. बरकट्ठा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चामुदोहर में भी हाथियों के झुंड ने धावा बोल दिया. हाथियों ने गोदाम का दरवाजा तोड़कर मध्याह्न भोजन योजना के लिए रखा करीब साढ़े तीन क्विंटल चावल और 10 किलो दाल खा लिया.

वन विभाग अलर्ट, लेकिन खतरा बरकरार
हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण धनरोपनी के मौसम में किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं. कई गांवों के लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने, प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और फसल व संपत्ति के नुकसान का शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है. वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. हालांकि हाथियों की बदलती लोकेशन के कारण पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण किसी बड़े हादसे की आशंका जता रहे हैं.


