Chaibasa: डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पश्चिमी सिंहभूम ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम की है. जुलाई 2026 माह में ई-संजीवनी टेली-कंसल्टेशन सेवा के उत्कृष्ट संचालन के आधार पर पश्चिमी सिंहभूम जिला पूरे झारखंड राज्य में प्रथम स्थान पर रहा. इस अवधि में जिले के 19,340 मरीजों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन स्वास्थ्य परामर्श प्राप्त कर इस सेवा का लाभ उठाया. इस उपलब्धि के पीछे जिला प्रशासन के मार्गदर्शन, स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों तथा विशेष रूप से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही.
निरंतर प्रयास
उपायुक्त मनीष कुमार ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि “डिजिटल तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. ई-संजीवनी सेवा ने दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंच को अत्यंत सरल बनाया है. इससे मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श मिल रहा है तथा अनावश्यक यात्रा एवं आर्थिक व्यय में भी कमी आई है. जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. ई-संजीवनी जैसी पहल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ एवं जन-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.”

CHO की भूमिका अत्यंत सराहनीय
सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने बताया कि “ई-संजीवनी भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण डिजिटल स्वास्थ्य सेवा है, जिसके माध्यम से मरीज अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान से ऑनलाइन विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श प्राप्त करते हैं. इस सेवा के जरिए रोगों की प्रारंभिक जांच, उपचार संबंधी सलाह, दवा संबंधी मार्गदर्शन तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफरल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है. जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी इस उपलब्धि के प्रमुख आधार रहे हैं. सीएचओ द्वारा प्रतिदिन मरीजों की जांच, उनका ऑनलाइन पंजीकरण, आवश्यक स्वास्थ्य विवरण अपलोड करना, विशेषज्ञ चिकित्सकों से वीडियो अथवा ऑडियो माध्यम से टेली-कंसल्टेशन कराना तथा चिकित्सकीय परामर्श के अनुरूप आगे की उपचार प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ई-संजीवनी सेवा के प्रति जागरूक करने और उन्हें डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों से जोड़ने में भी सीएचओ की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है.”

सक्रिय सहयोग
उन्होंने बताया कि जिले की एएनएम, सहिया, स्वास्थ्यकर्मी एवं अन्य फील्ड स्टाफ भी समुदाय स्तर पर मरीजों की पहचान कर उन्हें निकटतम आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने तथा ई-संजीवनी सेवा का लाभ दिलाने में सक्रिय सहयोग प्रदान कर रहे हैं. इन सभी के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप जुलाई माह में 19,340 लोगों तक विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा सफलतापूर्वक पहुंचाई जा सकी. जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, विशेषज्ञ डॉक्टरों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम, सहिया, डेटा एंट्री ऑपरेटरों एवं सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों को दिया है. जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकता होने पर अपने निकटतम आयुष्मान आरोग्य मंदिर, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र अथवा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में उपलब्ध ई-संजीवनी टेली-कंसल्टेशन सेवा का अधिक से अधिक उपयोग करें. इस सेवा के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों से समय पर परामर्श प्राप्त कर बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सकता है तथा अनावश्यक रूप से बड़े अस्पतालों की यात्रा से भी बचा जा सकता है.

