Ranchi: राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों की संख्या में छात्र जुटे हुए हैं. जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र पूरी तरह एकजुट नजर आए. आंदोलन के दौरान छात्रों ने नैतिक मूल्यों का परिचय देते हुए साफ किया कि उनकी यह लड़ाई पूरी तरह शांतिपूर्ण और अहिंसक है. छात्रों का कहना है कि वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलकर अपने अधिकारों को हासिल करेंगे, न कि सोशल मीडिया के किसी इन्फ्लुएंसर के भरोसे.
शांतिपूर्ण आंदोलन से एकजुटता का संदेश
आंदोलन स्थल पर सुबह से ही राज्य के कोने-कोने से छात्रों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था. देखते ही देखते पूरा परिसर युवाओं की भीड़ से भर गया. इतनी बड़ी संख्या में जुटने के बावजूद छात्रों ने कानून-व्यवस्था और अनुशासन की मिसाल पेश की. प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि वे किसी भी तरह की हिंसा या उग्र प्रदर्शन के पक्ष में नहीं हैं. उनका कहना है कि गांधीवादी तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर ही व्यवस्था में सुधार लाया जा सकता है.

इन्फ्लुएंसर्स पर नैरेटिव सेट करने का आरोप
आंदोलन के बीच छात्रों ने कुछ बाहरी तत्वों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को लेकर नाराजगी जताई. प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से आंदोलन स्थल पर कई वीडियो क्रिएटर और इन्फ्लुएंसर्स पहुंच रहे हैं. छात्रों का कहना है कि ये लोग उनकी मूल समस्याओं को उठाने के बजाय अपनी टीआरपी और निजी स्वार्थ के लिए अलग नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके अनुसार, यह गंभीर आंदोलन को उसके मूल मुद्दों से भटकाने की कोशिश है.

अपनी लड़ाई खुद लड़ेंगे छात्र
मैदान में डटे छात्रों ने दोटूक शब्दों में कहा कि उन्हें अपनी लड़ाई आगे बढ़ाने के लिए किसी बाहरी चेहरे या सोशल मीडिया स्टार की जरूरत नहीं है. छात्रों का नेतृत्व वे खुद कर रहे हैं और आपसी एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने कहा कि जो लोग आंदोलन का राजनीतिकरण या व्यवसायीकरण करने की कोशिश करेंगे, उन्हें छात्र सफल नहीं होने देंगे. फिलहाल, सभी छात्र अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बना रहे हैं.
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