palamu : झारखंड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने आज मेदिनीनगर में प्रेस बयान जारी कर कहा है कि झारखंड गठन से लेकर आज तक JPSC, JSCA, CGL आदि NDA and India गठबंधन की सरकारों द्वारा सम्पादित कराए गए सभी परीक्षाओं से हुई न्युक्तियों की CBI जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
बड़े नेताओं के चेहरे होगे बेनकाब
बयान में उन्होंने कहा है कि अभी राज्य सरकार की CID ने उपरोक्त कई परीक्षाओं में भीषण अनियमितताओं को लेकर कई स्थानों पर छापेमारी के क्रम में लगभग 6 करोड़ रुपए के चेक व करोड़ों रुपए के जमीन के कागजात बरामद समेत कई लोगों को गिरफतार किया है. निश्चित रूप से अगर अब तक हुई सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष CBI जांच हो तो इससे भी बड़े खूलाशे होंगे, जिससे NDA and India गठबंधन के सत्ताधारी बड़े नेताओं के चेहरे बेनकाब हो जायेंगे.

बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में ही घोटाले का बीजारोपण हुआ- शत्रुघ्न कुमार शत्रु
बयान में उन्होंने कहा है कि झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में ही न्युक्ति घोटाले का बीजारोपण हो चुका था. तत्कालीन JPSC के संघी अध्यक्ष दिलीप प्रसाद व सदस्यों से लेकर पक्ष विपक्ष के राजनेताओं की भूमिका संदीग्ध रही है. इस संदर्भ में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की पुत्रवधू प्रीति किस्कू, वर्तमान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से लेकर कई नेताओं के भाई व रिश्तेदारों की JPSC आदि के द्वारा नियुक्ति की प्रक्रिया भी अदालतों में चलती रही है. बाद के दिनों में सत्ता में बैठे नेताओं ने JPSC, JSSC, CGL आदि एजेंसियों को भ्रष्टों के हवाले कर गैर झारखण्डियों को भी भारी रकम लेकर पदाधिकारी से लेकर कर्मचारी तक बनाने में बाजी मारी ली है.

आज भले ही रांची में आन्दोलनरत छात्रों ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाकर सरकार से वार्ता की सहमति बनाई है, लेकिन हमारा यह मांग है कि ना केवल 14 वीं JPSC के PT एक्जाम बल्कि प्रारंभ से लेकर अब के सभी JPSC, JSSC and CGL आदि सभी परीक्षाओं की CBI जांच को निर्धारित समय सीमा के अन्दर पूरा कर झारखंड के छात्र-नौजवानों के भविष्य के साथ न्याय होना चाहिए.
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