Click Here
Click Here
Click Here
Click Here
Click Here

‘दूसरा केजरीवाल नहीं चाहिए’, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके के घर के बाहर शुरू हुआ अनशन

न्यूज़ वेव डेस्क दिल्ली के जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब अपने ही समर्थकों के विरोध...

न्यूज़ वेव डेस्क
दिल्ली के जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब अपने ही समर्थकों के विरोध का सामना कर रही है. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में संगठन की कोर टीम की बैठक के दौरान दो युवकों ने संस्थापक अभिजीत दीपके के घर के बाहर धरना देकर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया. प्रदर्शन कर रहे युवकों की पहचान अहमदाबाद निवासी मनीष ब्रह्मभट्ट और राहुल पंड्या के रूप में हुई है. दोनों का दावा है कि उन्होंने जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी और उसी आंदोलन के आधार पर CJP को देशभर में पहचान मिली.

बैठक में शामिल नहीं करने का आरोप

मनीष ब्रह्मभट्ट ने मीडिया से कहा कि आंदोलन की शुरुआत किसी एक व्यक्ति के नेतृत्व में नहीं हुई थी. देशभर से आए छात्रों और युवाओं ने मिलकर इसे खड़ा किया था. उनका आरोप है कि वे अभिजीत दीपके से मिलने और कोर टीम की बैठक में शामिल होने के लिए छत्रपति संभाजीनगर पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरे देश के युवाओं का था, इसलिए संगठन में फैसले भी लोकतांत्रिक तरीके से होने चाहिए. आंदोलन में काम करने वाले कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए.

‘हमें दूसरा केजरीवाल नहीं चाहिए’

विरोध के दौरान मनीष ब्रह्मभट्ट ने कहा, “हमें दूसरा केजरीवाल नहीं चाहिए.” उनका कहना था कि आंदोलन किसी एक चेहरे या करीबी समूह तक सीमित नहीं होना चाहिए. इसी मांग को लेकर उन्होंने दीपके के घर के बाहर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया.

दीपके के आवास पर चल रही थी बैठक

CJP की कोर टीम की बैठक बुधवार से छत्रपति संभाजीनगर के वालुज MIDC क्षेत्र स्थित अभिजीत दीपके के आवास पर चल रही है. इसी दौरान दोनों युवक वहां पहुंचे और सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.

‘CJP राजनीतिक दल नहीं बनेगी’

विवाद के बीच अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि कॉकरोच जनता पार्टी किसी राजनीतिक दल में परिवर्तित नहीं होगी. उन्होंने कहा कि CJP एक जन आंदोलन और दबाव समूह के रूप में काम करती रहेगी. संगठन का मुख्य उद्देश्य छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों को मजबूती से उठाना है, न कि चुनावी राजनीति में प्रवेश करना.फिलहाल इस विरोध और अनशन को लेकर संगठन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि यह घटनाक्रम CJP के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक ढांचे को लेकर उठ रहे सवालों को नई चर्चा दे रहा है.
ALSO READ: JSSC ने जारी की क्षेत्रीय कार्यकर्ता परीक्षा की आंसर-की, 11 अगस्त तक मौका; गलत जवाब पर अभ्यर्थी कर सकेंगे आपत्ति

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *