Ranchi: रांची विश्वविद्यालय में PhD और D.Litt./D.Sc. की डिग्री से जुड़ी नई नियमावली को लेकर आज विशेषज्ञ समिति की बैठक हुई. बैठक में देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने नियमों की समीक्षा की और जरूरी सुझाव दिए. बैठक की अध्यक्षता प्रो. पी.के. मिश्रा ने की. बैठक में दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड समेत कई संस्थानों के विशेषज्ञ और रांची विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे.
PhD नियमों में शोध की गुणवत्ता पर जोर
बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से तैयार PhD नियमावली का विस्तार से अध्ययन किया गया. विशेषज्ञों ने कहा कि इसमें UGC के PhD विनियम-2022 के जरूरी नियमों को शामिल किया गया है.विशेषज्ञों के मुताबिक, नई नियमावली से शोध प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और शोध की गुणवत्ता बेहतर होगी. बैठक में शोध में प्रवेश, शोधार्थी और गाइड की जिम्मेदारी, कोर्स वर्क, शोध की प्रगति, शोध पत्र की जांच और मौखिक परीक्षा (वाइवा) जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई.

D.Litt. और D.Sc. के लिए अलग नियमावली
रांची विश्वविद्यालय ने D.Litt. और D.Sc. जैसी उच्च शोध डिग्रियों के लिए अलग नियमावली तैयार की है. विशेषज्ञों ने इस पहल की खास तौर पर तारीफ की. उन्होंने कहा कि अलग नियम होने से इन डिग्रियों के लिए चयन और मूल्यांकन की प्रक्रिया ज्यादा साफ और पारदर्शी होगी.

विशेषज्ञों के सुझाव भी किए जाएंगे शामिल
बैठक में विशेषज्ञों ने नियमावली को और बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए. विश्वविद्यालय ने तय किया है कि उचित सुझावों को अंतिम नियमावली में शामिल किया जाएगा.

