Chatra : टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में नाबालिग आदिवासी किशोरी से दुष्कर्म के आरोप और आरोपी युवक इमरोज की ग्रामीणों की पिटाई के बाद इलाज के दौरान मौत का मामला तूल पकड़ रहा है. रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने BJP नेताओं के साथ पीड़ित परिवार से मुलाकात की. मरांडी ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि परिजनों ने बच्ची के अपहरण की सूचना समय रहते पुलिस को दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो यह घटना नहीं होती और ऐसी लापरवाही से अपराधियों का मनोबल बढ़ता है.
गरीब परिवार समझकर पुलिस ने मामले को हल्के में लिया
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि गरीब परिवार से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. उन्होंने कहा कि आरोपी के परिजनों पर पॉक्सो के तहत FIR के बावजूद गिरफ्तारी नहीं हुई, जबकि पीड़िता के माता-पिता को ही जेल भेज दिया गया. उन्होंने घटना के बाद 56 नामजद और 150 से अधिक अज्ञात ग्रामीणों पर केस दर्ज किए जाने की निष्पक्ष जांच की मांग की. पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद बाबूलाल मरांडी भावुक भी नजर आए. उन्होंने कहा कि परिवार की स्थिति देखकर दर्द हो रहा है. पीड़िता के दादा बुजुर्ग हैं और दादी लकवाग्रस्त हैं. ऐसे में घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं, उनकी परवरिश अब कौन करेगा, यह बड़ा सवाल है. उन्होंने कहा कि इस परिवार को सिर्फ न्याय ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और प्रशासनिक सहयोग की भी जरूरत है. सरकार को पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध करानी चाहिए.
यह हिंदू-मुस्लिम का सवाल नहीं, बच्चियों की सुरक्षा का सवाल है
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बड़गांव की घटना को हिंदू-मुस्लिम के चश्मे से नहीं, बल्कि बच्चियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे के रूप में देखा जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि इमरोज के खिलाफ पहले से दुष्कर्म के मामले दर्ज थे और वह पॉक्सो मामले में जेल जा चुका था. इसके बावजूद दोबारा ऐसी घटना होना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने सभी समुदायों से ऐसे अपराधियों के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई में सहयोग की अपील की. बड़गांव दौरे के दौरान बाबूलाल मरांडी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और पुलिस प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सब्र का इम्तिहान नहीं लिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों का इमरोज जैसा ही अंजाम होगा. ताकि अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा हो. उन्होंने कहा कि यदि कुकर्मियों को समय पर सजा नहीं मिली तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ जाते हैं.
जेल में जगह कम पड़ जाएगी
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि किसी बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले अपराधी को समाज में खुलेआम घूमने की अनुमति नहीं दी जा सकती. प्रशासन को ऐसे अपराधियों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई करनी होगी. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति बच्चियों के साथ दुष्कर्म करेगा तो उसका अंजाम इमरोज जैसा ही होना चाहिये. ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने इमरोज की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति पैदा होने से पहले ही पुलिस और प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए थी.
दोषी बचें नहीं और निर्दोष फंसें नहीं
बाबूलाल मरांडी ने बड़गांव मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि दुष्कर्म के आरोप, आरोपी की मौत और पुलिस की भूमिका की जांच होनी चाहिए. निर्दोष ग्रामीणों को राहत और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने और लोगों से सांप्रदायिक तनाव से बचने की अपील की. उन्होंने कहा कि बच्चियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए. नाबालिक बच्ची के साथ दरिंदगी के मामले का विरोध इस कदर गांव में है कि जिला प्रशासन द्वारा गांव में धारा 144 लागू किए जाने के बावजूद बाबूलाल मरांडी के दौरे के दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीण महिलाएं और बुजुर्ग मौके पर जुट गए. इस दौरान पुलिस लगातार माईकिंग कर लोगों से एक जगह एकत्रित नहीं होने की अपील करती रही, लेकिन आक्रोशित भीड़ ने पुलिस की एक नहीं सुनी. मौके पर लोग जमकर सरकार और पुलिस विरोधी नारे लगाते रहे.
