Ranchi: विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित आदिवासी महोत्सव के अवसर पर झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के बैनर तले 13 लघु फिल्म दिखाये गये. उन सभी फिल्मों के माध्यम से आदिवासियों के संघर्ष, वीरता, परंपरा और संस्कृति के बारे में बताया गया. साथ ही जल, जंगल, जमीन को संरक्षित करने के संबंध में जानकारी दी गयी. वे सभी फिल्में अमर शहीद चांद भैरव मुर्मू मंडप में दिखाये गये. उन फिल्मों में आरके सोरेन द्वारा निर्देशित संथाली फिल्म अपील, मोहन कुमार वालसाला द्वारा निर्देशित पंचभूत दिखाया गया. यह फिल्म बंगला, हिंदी व संस्कृत तीनों भाषा में था.
लोगों ने फिल्मों का उठाया भरपूर लुत्फ
निरंजन कुमार कुजूर के द्वारा निर्देशित कुड़ुख भाषा की फिल्म पहड़ा कुडुक, निलोत्पल मजुमदार द्वारा निर्देशित बुरो घर (बंगाली), सुवर्णा दास द्वारा निर्देशित एनिमेशन फिल्म द गर्ल हू लिभ्ड इन द लू, यंगचेन थापा द्वारा निर्देशित एनिमेशन फिल्म लांग लोस्ट होम, सरल मुर्मू द्वारा हिंदी व संथाली में निर्देशित फिल्म सोनध्यानी, रवि राज मुर्मू के द्वारा संथाली भाषा में निर्देशित फिल्म आंगन, दीपक बेसरा द्वारा हिंदी में निर्देशित फिल्म पपाया, मनसिंह बोस्के द्वारा हिंदी और मुंडारी में निर्देशित फिल्म सारी सारजोम, रणवीर भगत द्वारा हिंदी भाषा में निर्देशित फिल्म लेडी टार्जन, निरंजन कुमार कुजूर द्वारा कुड़ुख, सादरी और क्षेत्रीय हिंदी भाषा में निर्देशित फिल्म एडपा काना तथा संथाली और हिंदी भाषा में संजय टुडू द्वारा निर्देशित फिल्म मन मेलोडी एंड डॉल्स दिखाये गये. इन फिल्मों से आदिवासी महोत्सव में आये लोगों ने भरपूर लुत्फ उठाया.
