Jamtara: दुलायडीह स्थित नगर भवन में रविवार को जिला स्तरीय विश्व आदिवासी दिवस समारोह का आयोजन धूमधाम एवं उत्साह के साथ किया गया. कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम में जिले के उपायुक्त आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह, डायरेक्टर जुगनू मिंज, जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, एसडीपीओ वसीम रजा, उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा समेत जिले के कई वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी समेत उपस्थित अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की. इसके बाद उपायुक्त आलोक कुमार ने मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को आदिवासी संस्कृति की पारंपरिक टोपी एवं पोशाक पहनाकर तथा शॉल भेंट कर सम्मानित किया.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक
समारोह के दौरान विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए. कलाकारों ने आदिवासी कला, संस्कृति, परंपरा और सभ्यता पर आधारित नृत्य एवं संगीत की आकर्षक प्रस्तुति दी. कार्यक्रम में झारखंड के साथ-साथ असम और अरुणाचल प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं की झलक भी देखने को मिली. पारंपरिक वेशभूषा और लोकनृत्य ने नगर भवन परिसर में मौजूद लोगों का मन मोह लिया. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध विरासत, प्रकृति से जुड़ाव और पारंपरिक जीवनशैली को दर्शाया गया.
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अधिकारियों ने दिया आदिवासी संस्कृति और सभ्यता संरक्षण का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त आलोक कुमार ने विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और सभ्यता हमारी समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसे संरक्षित करने के साथ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की जरूरत है. पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने भी सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी समाज को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई दी और सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने पर जोर दिया.

मंत्री बोले- आदिवासियों का विकास और अधिकार सरकार की प्राथमिकता
मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विश्व आदिवासी दिवस की जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज पूरे झारखंड में बड़े स्तर पर विश्व आदिवासी दिवस मनाया जा रहा है. राज्य के सभी जिलों के पदाधिकारियों को कार्यक्रम आयोजित करने और आदिवासी समाज के अधिकारों एवं विकास पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि आदिवासी समाज के लोगों को उनका हक और अधिकार मिले तथा उनके क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से हों. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के लिए झारखंड अलग राज्य का गठन हुआ था, इसलिए उनके हित और विकास को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. मंत्री ने कहा कि यह बड़ी विडंबना है कि जिन लोगों और समाज के लिए अलग राज्य की लड़ाई लड़ी गई, आज उन्हीं लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. उन्होंने आदिवासी समाज की पहचान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही.
सरना धर्म कोड को लेकर केंद्र सरकार से की मांग
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सरना धर्म कोड आदिवासी समाज की पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है. उन्होंने केंद्र सरकार से सरना धर्म कोड की मांग को गंभीरता से लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा, पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों और अधिकारियों ने भाग लिया. पूरे कार्यक्रम के दौरान आदिवासी संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक देखने को मिली.
