न्यूज वेव डेस्क
कोलंबिया में सोमवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़ी तबाही और दहशत का माहौल पैदा कर दिया. 7.4 तीव्रता के इस भूकंप के झटके देश के बड़े हिस्से में महसूस किए गए. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है. पश्चिमी कोलंबिया के कई इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचा है और कुछ जगहों पर लोग मलबे में फंसे बताए गए हैं.
राजधानी बोगोटा तक महसूस हुए झटके
भूकंप का असर राजधानी बोगोटा सहित कई प्रमुख शहरों में महसूस किया गया. तेज झटके लगते ही बड़ी संख्या में लोग घबराकर अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए. कई स्थानों पर लोगों ने खुले इलाकों में शरण ली. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पेरेरा और मनिजालेस में जानमाल का नुकसान अधिक हुआ है. पेरेरा में 18 और मनिजालेस में दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. हालांकि राहत और बचाव अभियान जारी रहने के कारण आंकड़े बदल सकते हैं.
चोको क्षेत्र के पास रहा भूकंप का केंद्र
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक भूकंप का केंद्र सैन जोसे डेल पालमार के पास चोको क्षेत्र में था. यह इलाका राजधानी बोगोटा से करीब 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है. भूकंप सोमवार सुबह स्थानीय समय के अनुसार करीब 7:34 बजे आया. इसकी गहराई को लेकर अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर है, लेकिन इसे अपेक्षाकृत गहरा भूकंप बताया गया है.
इमारतों में आई दरारें, सड़कों पर उमड़ी भीड़
भूकंप के झटकों के दौरान कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई. सामने आई तस्वीरों और वीडियो में कुछ इमारतों में दरारें और संरचनाओं को नुकसान दिखाई दे रहा है. पेरेरा, मनिजालेस, काली, आर्मेनिया और मेडेलिन सहित कई शहरों में लोगों ने झटके महसूस किए. बोगोटा में भी लोग एहतियातन इमारतों से बाहर निकल आए. शहर प्रशासन के शुरुआती आकलन में राजधानी में बड़े पैमाने पर नुकसान की सूचना नहीं थी.
पड़ोसी देशों तक पहुंचा असर
भूकंप का कंपन कोलंबिया तक सीमित नहीं रहा. पड़ोसी इक्वाडोर समेत क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी झटके महसूस किए गए. इससे दक्षिण अमेरिकी क्षेत्र में लोगों के बीच चिंता बढ़ गई.
राहत और बचाव अभियान तेज
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है. प्रभावित इलाकों में क्षतिग्रस्त इमारतों का आकलन किया जा रहा है और संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश की जा रही है. प्रशासन की ओर से लोगों को आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि भूकंप से हुए नुकसान की वास्तविक तस्वीर राहत और बचाव अभियान आगे बढ़ने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.
