Ranchi: झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य के पुलिसकर्मियों को मिलने वाले विभिन्न भत्तों और वेतन विसंगतियों से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है. विधानसभा में विधायक श्वेता सिंह द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न (संख्या ग-05) का उत्तर देते हुए सरकार ने बताया कि पुलिसकर्मियों के भत्तों के पुनरीक्षण (रिवीजन) और वेतन से जुड़ी विसंगतियों के समाधान का मामला वर्तमान में एक उच्च स्तरीय समिति के समक्ष विचाराधीन है.
भत्तों में संशोधन और वेतन विसंगति का उठा मुद्दा
विधायक श्वेता सिंह द्वारा पूछे गए सवाल में पुलिसकर्मियों के वर्तमान भत्तों को अपर्याप्त बताते हुए यह मुद्दा उठाया गया था. सवाल में उल्लेख किया गया था कि वर्तमान में पुलिसकर्मियों को
- वार्षिक वर्दी भत्ता: 4000 रुपया
- धुलाई भत्ता: 100 रुपया प्रतिमाह
- विशेष कर्तव्य भत्ता: 65 रुपया
- आर्मरर भत्ता: 40 रुपया
- राइफल भत्ता: 10 रुपया
इसके अतिरिक्त, विज्ञापन संख्या 01/2024 के तहत नियुक्त आरक्षियों में वेतन विसंगति का मामला भी उठाया गया, जिसमें 20 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने के बाद प्रमोशन पाने वाले कर्मियों को 2,800 ग्रेड पे, जबकि 20 वर्ष से पूर्व प्रमोशन पाने वाले कर्मियों को 4,200 ग्रेड पे मिलने की बात कही गई थी.
सरकार का जवाब: उच्च स्तरीय समिति करेगी विचार
सरकार की ओर से दिए गए आधिकारिक उत्तर में यह स्वीकार किया गया कि पुलिसकर्मियों को सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों के आलोक में ही भत्ते दिए जा रहे हैं. वेतन विसंगति के संबंध में सरकार ने स्पष्ट किया कि वित्त विभाग के संकल्प संख्या-2981 (दिनांक एक सितंबर 2009) के तहत राज्यकर्मियों के लिए ‘संशोधित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना’ (एमएसीपी) लागू की गई है. इसी के तहत 20 वर्ष पूर्ण होने के बाद पदोन्नति प्राप्त करने पर 2,800 ग्रेड पे तथा 20 वर्ष से पूर्व पदोन्नति मिलने पर द्वितीय एमएसीपी में 4,200 ग्रेड पे प्राप्त होता है.
भत्तों के पुनरीक्षण के लिए बनी है समिति
भत्तों और वेतन विसंगति में सुधार को लेकर सरकार ने सूचित किया है कि विभागीय आदेश संख्या-3272 (दिनांक 14 अगस्त 2025) के तहत झारखंड पुलिस के कर्मियों के विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण के लिए सदस्य, राजस्व परिषद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है. यह पूरा मामला और सुझाव फिलहाल इसी समिति के समक्ष विचाराधीन हैं.
