पलामू: जिले के रेड़मा स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर में गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. अवसर था श्री रामचरितमानस नवाह परायण यज्ञ के भव्य उद्घाटन का. वैदिक मंत्रोच्चार और “जय श्रीराम” के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया.

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नम्रता त्रिपाठी ने श्री राम दरबार की विधिवत पूजा-अर्चना और परिक्रमा करने के बाद समारोह को संबोधित किया. उन्होंने रामचरितमानस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाली एक संपूर्ण आचार-संहिता है. उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में, जब समाज तनाव और नैतिक पतन जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे समय में भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, करुणा और मर्यादा का वह प्रकाशस्तंभ है, जो हमें सही मार्ग दिखाता है. उनके अनुसार, मानस की शिक्षाओं को जीवन में उतारने से व्यक्ति के साथ-साथ समाज का भी कल्याण संभव है.
यज्ञ समिति द्वारा मुख्य अतिथि का गाजे-बाजे और पुष्पमालाओं के साथ पारंपरिक स्वागत किया गया. जैसे ही मानस पाठ का शुभारंभ हुआ, मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की उपस्थिति और धार्मिक उल्लास से सराबोर हो गया. वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम हैं.
गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पावन अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दीनानाथ तिवारी सहित अजय तिवारी, ललन तिवारी, बसंत तिवारी और यज्ञ समिति के अध्यक्ष रिंकू तिवारी व कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तिवारी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे. इसके अलावा समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर इस समारोह में हिस्सा लिया और धर्म व संस्कृति की उन्नति के लिए सामूहिक प्रार्थना की.
नौ दिनों तक बहेगी भक्ति की गंगा
समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि यह नवाह परायण यज्ञ आगामी नौ दिनों तक निरंतर चलेगा. इस दौरान प्रतिदिन मानस पाठ, विद्वानों द्वारा प्रवचन और महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा. आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार इस भक्ति अनुष्ठान में शामिल होने की अपील की है.

