एल खियांग्यते झारखंड के दूसरे ऐसे पूर्व चीफ सेक्रेटरी जो सलाखों के पीछे गए, होटवार जेल के जेनरल वार्ड में कटेगी रात

Ajay Dayal Ranchi: राज्य के सत्ता के शीर्ष गलियारों में अपनी धाक जमाने वाले और नौकरशाही के सबसे ऊंचे मुकाम यानी मुख्य...

L. Khiangte is the second former Chief Secretary of Jharkhand to be sent behind bars; he will spend the night in the general ward of Hotwar Jail.

Ajay Dayal

Ranchi: राज्य के सत्ता के शीर्ष गलियारों में अपनी धाक जमाने वाले और नौकरशाही के सबसे ऊंचे मुकाम यानी मुख्य सचिव के पद तक पहुंचने वाले एल. खियांग्यते दूसरे ऐसे पूर्व चीफ सेक्रेटरी हैं जो सलाखों के पीछे गए. जेल सूत्रों के अनुसार एल खियांग्यते को जेनरल वार्ड में रखा गया है. अब उनकी रात जेनरल वार्ड में कटेगी. जेल मैनुअल के अनुसार अब कोर्ट तय करता है वीआईपी ट्रीटमेंट देना है कि नहीं. इस कारण खियांग्यते को भी सामान्य वार्ड में रखा गया है. बताते चलें कि झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं और नियुक्तियों में हुई धांधली व गड़बड़ियों के गंभीर आरोपों ने इस पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के पूरे साम्राज्य को हिला कर रख दिया है. चारा घोटाला मामले में कभी पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती के जेल जाने का इतिहास झारखंड देख चुका है, और अब 1988 बैच के आईएएस अधिकारी लाल बियाकतुलुआंगा खियांग्यते की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि सत्ता के सिंहासन पर बैठकर आम जनता के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों का अंजाम कितना भयावह होता है.

36 साल का लंबा करियर, पर दागदार हो गया प्रशासनिक सफर

एल. खियांग्यते का प्रशासनिक सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रहा है. इतिहास विषय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने साल 1987 की सिविल सेवा परीक्षा पास की और 1988 बैच के आईएएस अधिकारी बने. झारखंड कैडर के इस सीनियर अधिकारी ने अपने करीब 36 वर्षों के लंबे करियर में कई मलाईदार और बेहद अहम पदों की कमान संभाली. उन्होंने न सिर्फ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के तौर पर अपनी सेवाएं दीं, बल्कि प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान के महानिदेशक जैसे प्रतिष्ठित पदों पर भी काबिज रहे.

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अथाह संपत्ति और आइजोल के तीन आलीशान महल

जेपीएससी घोटालों के दलदल में फंसे एल. खियांग्यते की गिरफ्तारी के बाद अब उनकी अकूत संपत्ति पर भी केंद्रीय और जांच एजेंसियों की पैनी नजरें टिक गई हैं. प्रशासनिक सेवा के दौरान बनाई गई उनकी बेहिसाब संपत्ति और रियल एस्टेट निवेश ने हर किसी को चौंका कर रख दिया है. मिजोरम की राजधानी आइजोल में उनके नाम पर एक-दो नहीं बल्कि तीन-तीन आलीशान और भव्य घर मौजूद हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है. सत्ता के गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर एक दशक तक ताकतवर पदों पर रहने वाले अधिकारी किस तरह सिस्टम की आड़ में अपने खेल खेलते रहे.

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