Ranchi: राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को तेजी से बढ़ाने और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोतों से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (जरेडा) ने एक प्रस्ताव तैयार किया है. जरेडा ने झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष रांची के सिकिदिरी डैम स्थित सिकिदिरी नहर पर बनाए जा रहे 2 मेगावाट क्षमता के ग्रिड-से जुड़े कैनाल-टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए पूंजीगत व्यय और बिजली की दर तय करने के लिए औपचारिक याचिका दायर की है.

ओएंडएम लागत और टैरिफ दर का प्रस्ताव
सफल बोलीदाता कंपनी द्वारा पहले वर्ष के लिए संचालन और रखरखाव की लागत 11,00,000 रुपये (बिना जीएसटी) तय की गई है, जिसमें अगले 9 वर्षों तक प्रति वर्ष 10% की वृद्धि का प्रावधान है. जरेडा ने आयोग से अनुरोध किया है कि शुरुआती 10 वर्षों के लिए इस ओएंडएम लागत को स्वीकार किया जाए. इसके बाद, संयंत्र के शेष 15 वर्षों के जीवनकाल के लिए जेएसईआरसी के नियमों के अनुसार प्रति वर्ष 5.72% की वृद्धि की अनुमति दी जाए.
कुल प्रस्तावित टैरिफ 4.06 रुपये प्रति यूनिट
सभी वित्तीय और तकनीकी मापदंडों का मूल्यांकन करने के बाद, जरेडा ने इस 2 मेगावाट के कैनाल-टॉप सोलर प्रोजेक्ट के लिए 4.04 रुपये प्रति यूनिट का समतल टैरिफ तय किया है. इसके अतिरिक्त, जरेडा द्वारा संयंत्र के रख-रखाव, प्रशासन और अगले 25 वर्षों तक पीपीए समझौतों को सुचारू रूप से बनाए रखने के प्रशासनिक खर्च के रूप में 0.02 रुपये प्रति यूनिट का सुविधा शुल्क जोड़ने का अनुरोध किया गया है. इस प्रकार, कुल प्रस्तावित टैरिफ 4.06 रुपये प्रति यूनिट बैठता है.
बिजली अधिनियम और राज्य सौर नीति के अनुरूप कदम
झारखंड सरकार ने राज्य में हरित ऊर्जा के तेजी से विस्तार के लिए “झारखंड सौर नीति-2022” लागू की है. इस नीति के तहत राज्य में कुल 4000 मेगावाट सौर क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 3000 मेगावाट क्षमता यूटिलिटी-स्केल मोड के माध्यम से विकसित की जानी है. इस यूटिलिटी-स्केल लक्ष्य में सोलर पार्क, नॉन-सोलर पार्क, फ्लोटिंग सोलर और कैनाल-टॉप सोलर प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया है.
टैरिफ और लागत निर्धारण की फैक्ट फाइल
• संयंत्र का जीवनकाल: केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के दिशा-निर्देशों और सोलर मॉड्यूल निर्माताओं की 25 साल की वारंटी को आधार बनाते हुए इस परियोजना का जीवनकाल 25 वर्ष तय करने का अनुरोध किया गया है.
• क्षमता उपयोग कारक: निविदा की शर्तों के अनुसार, उच्च दक्षता वाले क्रिस्टलीय मॉड्यूल का उपयोग किया जाएगा, जिनका तापमान गुणांक और न्यूनतम दक्षता मानकों के अनुरूप हो. इसके आधार पर संयंत्र का सीयूएफ 16% रखने का प्रस्ताव है.
• पूंजीगत लागत: सबसे कम बोली लगाने वाली निर्माण एजेंसी द्वारा दिए गए भावों के आधार पर कुल परियोजना लागत कर सहित लगभग 17,58,53,492.84 रुपये बैठती है. जेरेडा ने आयोग से इस लागत को स्वीकार करने का आग्रह किया है.
• ऋण और इक्विटी का शून्य घटक: यह पूरी परियोजना झारखंड सरकार के शत-प्रतिशत वित्तपोषण से विकसित की जा रही है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार का बैंक ऋण या कर्ज शामिल नहीं है. इसी वजह से ब्याज, ऋण चुकान अवधि,कार्यशील पूंजी और कार्यशील पूंजी पर ब्याज की कोई गणना नहीं की गई है.
• रिटर्न ऑन इक्विटी: परियोजना का विकास शत-प्रतिशत सरकारी फंड से हो रहा है और जेरेडा एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है, इसलिए इस पर कोई रिटर्न ऑन इक्विटी का दावा नहीं किया गया है.ऐसा करने से उपभोक्ताओं पर बिजली का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और टैरिफ कम रखने में मदद मिलेगी.
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