Bermo:अनुमंडल अंतर्गत बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी पावर प्लांट के नूरी नगर स्थित ऐश पौंड को जानेवाली पाइप लाईन के फटने से काफी मात्रा में छाई का बहाव कोनार नदी में प्रवाहित हो गया. घटना सोमवार रात लगभग आठ बजे की है. घटना के संबंध में बताया जाता है कि बाजार टांड़ स्थित शिव मंदिर के पास सोमवार की रात्रि लगभग आठ बजे ऐश पौंड को जानेवाली एक मात्र दो नंबर पाइप के फटने से काफी मात्रा में छाई का बहाव उक्त नाला से कोनार नदी में जाने लगा.

दामोदर बचाओ आंदोलन के स्थायी प्रतिनिधियों ने दी जानकारी
जिस स्थान पर पाइप फटा उस स्थान पर पाइप को स्लैब से ढ़ककर रखा गया था, इसलिए जब तक डीवीसी के विभागीय इंजीनियरों,अधिकारियों एवं एएमसी का कार्य करनेवाले संवेदक को जानकारी मिलती काफी मात्रा में छाई का बहाव हो गया था. बाद में सूचना मिलने के बाद उक्त लाइन को पावर प्लांट से बंद किया गया. लेकिन मंगलवार की सुबह आठ बजे तक नदी में छाई का बहाव जारी था. दामोदर बचाओ आंदोलन के स्थानीय प्रतिनिधियों ने इसकी जानकारी फोटो,वीडियो के द्वारा आंदोलन के संरक्षक सह जमशेदपुर के विधायक सरयू राय को दी.
गंभीरता से जांच जरूरी
उन्होनें मामले की जांच को लेकर बोकारो के डीसी एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी लिखा है ऑर कहा कि बीटीपीएस में कभी पाइपलाइन का फटना तो कभी ऐश पौंड की दीवारों का टूटना एक आम बात हो गई है, जिसकी गंभीरता से जांच की जरूरत है. सरयू राय ने कहा है कि डीवीसी प्रबंधन अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा है. कहा कि डीवीसी का दो नंबर एसटीपी भी महीनों से काम नहीं कर रहा है,और सिवेज नदी में प्रवाहित हो रहा है जिससे कोनार एवं दामोदर नदी का पानी दूषित हो रहा है.
कार्य करने में दिक्कत
मामले को लेकर डीवीसी के वरीय जीएम ओएंडएम मधुकर श्रीवास्तव का कहना था कि पाइप फटने के बाद आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे ठीक कर दिया गया है, पाइप फटने के बाद जो छाई होगा, वही बहकर नाला के माध्यम से नदी में जा रहा होगा. कहा कि एक पाइप लाइन के सहारे पावर प्लांट को चलाया जा रहा है, पाइप लाइन के एरिया में कुछ ऐसे स्थान हैं जहां पाइप फटा तो कार्य करने में काफी दिक्कतें होगी और उस स्थिति में पावर प्लांट को बंद करना पड़ सकता है.
रैयतों द्वारा मुआवजा एवं नियोजन की मांग
रैयतों का विरोध के कारण चार पाइप लाइनों का नहीं हो रहा, काम-गोविंदपुर के रैयतों द्वारा उनके खेतों में लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व पाइप फटने के कारण छाई का बहाव हो गया था. रैयतों द्वारा मुआवजा एवं नियोजन की मांग को लेकर फटे हुए चार पाइप लाइनों का कार्य करने नहीं दिया जा रहा है. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ऐश पौंड को जाने वाली पांच पाइप लाइनों में से चार पिछले चार महीनों से क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन गोविंदपुर के रैयतों के विरोध के चलते प्रबंधन इन्हें बदलने या ठीक करने में असमर्थ है. फिलहाल पाइप लाइन संख्या दो के सहारे ही ऐश स्लरी का निष्पादन हो रहा है. पाइप पुराना हो जाने के कारण लगातार उसके फटने की घटना घट रही है और पाइप फटने से कोनार नदी में छाई प्रवाहित हो जाती है.
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