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हजारीबाग में 36 घंटे का महाजाम बना हजारों यात्रियों की मुसीबत, JCB से रास्ता बनाकर खुला NH-19; 5 किलोमीटर तक लगी वाहनों की कतार

Hazaribagh: राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर पिछले 36 घंटे से लगा भीषण जाम हजारों यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया. शिलाडीह और गोरहर...

Hazaribagh: राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर पिछले 36 घंटे से लगा भीषण जाम हजारों यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया. शिलाडीह और गोरहर के समीप फ्लाईओवर निर्माण कार्य के दौरान बनाई गई अस्थायी सिंगल लेन सड़क की बदहाली और बारिश के कारण हालात इतने खराब हो गए कि रविवार रात से लेकर सोमवार देर रात तक करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा. इस दौरान ट्रक, बस, एंबुलेंस, स्कूल बस और निजी वाहन घंटों तक सड़क पर फंसे रहे. हालांकि मामला सुर्खियों में आने और लगातार शिकायतों के बाद निर्माण एजेंसी ने सड़क पर जीएसबी (ग्रेन्युलर सब-बेस) डालकर मार्ग को दुरुस्त किया, जिससे लोगों को राहत मिली.

बारिश और भारी वाहनों ने बिगाड़ी स्थिति

जानकारी के अनुसार शिलाडीह और गोरहर के पास एनएच-19 पर फ्लाईओवर निर्माण कार्य चल रहा है. निर्माण कार्य के कारण वाहनों के आवागमन के लिए अस्थायी सिंगल लेन सड़क बनाई गई थी. लगातार भारी वाहनों की आवाजाही और हाल की बारिश के चलते सड़क जगह-जगह धंस गई और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई. नतीजतन वाहन बेहद धीमी गति से गुजरने लगे और देखते ही देखते लंबा जाम लग गया.

एंबुलेंस से लेकर स्कूल बस तक फंसी

जाम की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सड़क पर ट्रकों की लंबी कतार के साथ-साथ एंबुलेंस, स्कूल बसें और यात्री वाहन भी घंटों तक फंसे रहे. कई यात्रियों को भोजन और पेयजल तक की परेशानी झेलनी पड़ी. गर्मी और उमस के बीच छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.

36 घंटे बाद निर्माण एजेंसी की खुली नींद

लगातार शिकायतों और समाचार प्रकाशित होने के बाद निर्माण एजेंसी हरकत में आई. एजेंसी ने शिलाडीह और गोरहर के समीप क्षतिग्रस्त हिस्सों पर जीएसबी डालकर सड़क की मरम्मत शुरू की. सड़क समतल होने के बाद वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य होने लगी और करीब 36 घंटे से जूझ रहे लोगों को राहत मिली.

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स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है, लेकिन वैकल्पिक मार्गों के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है. यदि समय रहते सड़क की मरम्मत की जाती तो इतनी बड़ी समस्या उत्पन्न नहीं होती. लोगों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग से निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है. 

भविष्य में दोबारा न बने ऐसी स्थिति

ग्रामीणों और राहगीरों ने मांग की है कि फ्लाईओवर निर्माण पूरा होने तक वैकल्पिक सड़क को नियमित रूप से दुरुस्त रखा जाए. साथ ही बारिश के मौसम को देखते हुए अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में एनएच-19 पर फिर से हजारों लोगों को घंटों जाम में फंसने की नौबत न आए.

राहत तो मिली, लेकिन छोड़ गया कई सवाल

फिलहाल जीएसबी बिछाने के बाद एनएच-19 पर यातायात सामान्य हो गया है, लेकिन 36 घंटे तक चले इस महाजाम ने निर्माण कार्य की निगरानी और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाते तो हजारों यात्रियों को इतनी बड़ी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती.

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