Hazaribagh: जिले के बहुचर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले पौता जंगल तिहरे हत्याकांड मामले में एक महीने से भी अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. इस मामले का अब तक कोई ठोस उद्भेदन नहीं हो पाया है, जिससे पीड़ित परिवार गहरे दुख, भारी निराशा और आक्रोश में डूबा हुआ है. शनिवार को हजारीबाग में आयोजित ‘दिशा’ की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने पहुंचीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से पीड़ित परिवार ने मुलाकात की और रो-रोकर अपने बच्चों के लिए न्याय की गुहार लगाई. गौरतलब है कि एक ही परिवार के तीनों बच्चे बीते 23 अप्रैल को अचानक लापता हो गए थे, जिसके बाद 27 अप्रैल को हजारीबाग के पौता जंगल से उनकी संदिग्ध लाशें बरामद हुई थीं. इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था, लेकिन सुस्त जांच से परिवार टूट चुका है.
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पुलिसिया जांच से असंतुष्ट परिवार ने केंद्रीय मंत्री के सामने रोया अपना दुखड़ा
पीड़ित परिवार के सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से मिलकर अपनी गहरी व्यथा सुनाई और दो टूक शब्दों में कहा कि वे हजारीबाग पुलिस की अब तक की लचर जांच से कतई संतुष्ट नहीं हैं. परिवार की इस दर्दनाक दास्तान को सुनकर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का गुस्सा भड़क उठा. उन्होंने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है. एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की मौत के इतने संवेदनशील और बड़े मामले में इतने दिनों बाद भी पुलिस द्वारा घटना का खुलासा न कर पाना बेहद शर्मनाक और दुखद है. हालांकि, संवेदनशीलता दिखाते हुए केंद्रीय मंत्री ने तुरंत मौके पर ही मौजूद हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार को कड़े लहजे में निर्देश दिया कि इस पूरे मामले का जल्द से जल्द उद्भेदन किया जाए और दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाए.
FSL रिपोर्ट से मिले सुराग: एसपी अमन कुमार
इस पूरे मामले पर हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा कि पीड़ित परिवार के सदस्य आज उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने पहुंचे थे. उन्होंने स्वीकार किया कि अब तक परिवार को पुलिस की जांच की सही दिशा और उसकी प्रगति की पर्याप्त व सही जानकारी नहीं मिल पा रही थी, जिससे उनके भीतर असंतोष पनपा. एसपी ने जांच के तकनीकी पहलुओं का खुलासा करते हुए बताया कि पौता जंगल मामले में रांची एफएसएल से कुछ महत्वपूर्ण जांच रिपोर्ट पुलिस को प्राप्त हो चुकी है. इसके साथ ही, मृतकों और संदिग्धों के मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण से भी कुछ बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं. उन्होंने कहा कि अब एक विशेष अधिकारी के माध्यम से पीड़ित परिवार को पल-पल की जांच की प्रगति से लगातार अवगत कराया जा रहा है.
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संदिग्ध यूट्यूबर सोहेल किरमानी की गिरफ्तारी पर अड़ा परिवार, न्याय की मांग तेज
फिलहाल, पुलिस के तमाम दावों के बावजूद पीड़ित परिवार पूरी तरह से निराश और हताश है और वह पुलिसिया तफ्तीश पर लगातार सवाल उठा रहा है. न्याय की आस में भटक रहा यह परिवार इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले असली दोषियों की शीघ्र से शीघ्र गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा हुआ है. इसके साथ ही, पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन के समक्ष एक प्रमुख स्थानीय यूट्यूबर सोहेल किरमानी की तुरंत गिरफ्तारी की भी पुरजोर मांग की है. परिवार का सीधा आरोप है कि सोहेल किरमानी इस पूरे तिहरे हत्याकांड मामले में पूरी तरह से संदिग्ध है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जानी चाहिए. अब देखना यह होगा कि केंद्रीय मंत्री के सीधे हस्तक्षेप और कड़े निर्देश के बाद हजारीबाग पुलिस इस अंधे कत्ल की गुत्थी को कितने दिनों में सुलझा पाती है.
