NewsWave Desk : कॉकरोच जनता पार्टी CJP की ओर से 20 जुलाई संसद चलो मार्च का आयोजन किया गया था. जहां पुलिस की ओर से लाठीचार्ज और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गयी है. वहीं, बीते बुधवार को लोकसभा में भी इस मामले को उठाया गया. अब, इस मामले में 25 वर्षीय शेख इरशाद मंसूरी की मेडिकल रिपोर्ट आ गयी है. मेडिको-लीगल केस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, सर्जरी के दौरान मंसूरी के सर, गर्दन, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों से कई धातु के कण निकाले गए. लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के ईएनटी और हेड-नेक सर्जरी विभाग की एमएलसी रिपोर्ट के अनुसार सर्जरी कर शरीर में फंसे कण निकाले गए. एमएलसी रिपोर्ट के डायग्नोसिस सेक्शन में लिखा गया है कि मरीज के सर और गर्दन के कई हिस्सों में कण फंसे हुए थे.
शरीर के अलग अलग हिस्सों में मिला कण
ईएनटी ENT ऑपरेशन थिएटर के अनुसार मरीज के दाएं मैक्सिलरी एंट्रम (चेहरे की हड्डी के अंदर) दाईं ओर के निचले होंठ की अंदरूनी परत (लेबियल म्यूकोसा), दाएं कंधे, दाईं गर्दन और बाएं माथे से लगभग 2 मिमी आकार के धातु के कण निकाले गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि ये कण शरीर के मुलायम ऊतकों में सतही रूप से फंसे हुए थे. वहीं, मरीज के बायें आंख के ऑर्बिटल हिस्से और निचली पलक की सर्जरी कर वहां से भी घातू के कण निकाले गये. रिपोर्ट के मुताबिक, आंख की मांसपेशी के ऊपरी हिस्से के पास लगभग 8 से 10 मिमी गहराई में धातु का कण महसूस हुआ. इसके बाद लगभग 3 मिमी का चीरा लगाकर उसे निकाला गया.
शरीर से निकाले गये कुल सात पेलेट जैसे कण
शेख इरशाद मंसूरी के अनुसार सर्जरी के बाद उनके शरीर से कुल सात पेलेट जैसे धातु के कण निकले. चेहरे के आसपास अभी भी कुछ ऐसे कण मौजूद हैं. डॉक्टरों ने फिलहाल उन्हें निकालने की जरूरत नहीं बताई है क्योंकि सर्जरी करने से शरीर को अधिक नुकसान हो सकता है. धातु कण को अस्पताल में सुरक्षित रखा जाएगा.
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