केयर एडवांस हॉस्पिटल में 18 हजार जमा करने के बाद भी तीन माह के बच्चे को नहीं मिला इलाज, हुई मौत

Gumla : शहर के गोकुल नगर स्थित केयर एडवांस हॉस्पिटल गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है. अस्पताल पर इलाज में...

Gumla :  शहर के गोकुल नगर स्थित केयर एडवांस हॉस्पिटल गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है. अस्पताल पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और पैसे जमा कराने के बावजूद समय पर उपचार नहीं करने का आरोप लगा है. लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटना में घायल हुए तीन माह के मासूम सामर्थ साइमनस टोप्पो की मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया.

सड़क हादसे में लगी चोट

मृतक मासूम के पिता मनीष टोप्पो ने आरोप लगाया कि रविवार को वे अपनी पत्नी और तीन माह के बेटे के साथ कामडरा के पोकला से बुलेट बाइक पर गुमला लौट रहे थे. इसी दौरान अंबवा गांव के समीप उन्हें झपकी आ गई. जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गई. हादसे में तीनों घायल हो गए. वहीं पत्नी और मासूम को गंभीर चोटें आयी. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पहले सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण परिजन उन्हें केयर एडवांस हॉस्पिटल लेकर पहुंचे.

18 हजार जमा करने की मांग की गयी

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकीय सहायता देने के बजाय पहले 18 हजार रुपये जमा कराने की मांग की गई. राशि जमा होने के बाद सीटी स्कैन और अन्य जांच तो शुरू कर दी गई, लेकिन गंभीर रूप से घायल मासूम के इलाज को लेकर अस्पताल प्रबंधन उदासीन बना रहा. पिता का आरोप है कि वे बार बार डॉक्टरों और कर्मियों से बच्चे का इलाज शुरू करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर कोई ठोस उपचार नहीं किया गया. इसी बीच मासूम की हालत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई. सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि मौत के बाद भी अस्पताल ने बच्चे को जीवित बताकर दूसरे निजी अस्पताल भेज दिया. वहां से उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया. जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया.

परिजनों ने किया हंगामा

मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा. बड़ी संख्या में लोग केयर एडवांस हॉस्पिटल पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा किया. हालांकि घायल पत्नी को बेटे की मौत की जानकारी न हो, इस कारण परिजनों ने स्थिति को अधिक देर तक उग्र नहीं होने दिया.
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली. पिता मनीष टोप्पो ने पुलिस के समक्ष भी अस्पताल की कथित लापरवाही का पूरा घटनाक्रम दोहराया. मामले की सूचना स्वास्थय विभाग और सिविल सर्जन को भी दी गई है. परिजनों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत देने की बात कही है.

 

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