Ranchi: झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला. भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस, वाटर कैनन और अन्य बल प्रयोग किए गए. आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राहुल गांधी के इशारे पर की गई. उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को लाठी, गोली, बंदूक, आंसू गैस और वाटर कैनन से दबाया नहीं जा सकता. उन्होंने 10 अगस्त को झारखंड के लिए काला दिवस बताया.
राहुल गांधी पर दोहरे रवैये का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी पर झारखंड के छात्रों के मामले में चुप रहने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी दूसरे राज्यों में छात्रों के मुद्दे उठाते हैं, लेकिन झारखंड में कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार होने के कारण इस मामले में राज्य सरकार पर दबाव नहीं बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी को छात्रों की चिंता है तो उन्हें झारखंड आकर छात्रों के साथ मुख्यमंत्री के दरवाजे पर धरना देना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार से बात नहीं बनती है तो कांग्रेस को सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए.
यह भी पढ़ें: CM हेमंत सोरेन पर अमर्यादित टिप्पणी से बवाल, कार्यकर्ताओं ने साइबर थाने में दर्ज कराई शिकायत, 48 घंटे का अल्टीमेटम
छात्रों की मांगों के समर्थन का दावा
आदित्य साहू ने कहा कि छात्र अपने आंदोलन में लगातार अपनी मांगों को उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों की लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक जारी रखेगी. उनके अनुसार, संसद के अंदर और बाहर एनडीए सांसदों ने भी झारखंड के छात्रों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाया है. उन्होंने दावा किया कि अब छात्रों का आंदोलन केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभर में इसकी आवाज पहुंच रही है.
सरकार के पुलिस की तारीफ वाले बयान पर सवाल
आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें पुलिसकर्मियों के काम की सराहना की गई थी. उन्होंने पूछा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग करना आखिर किस तरह की कार्रवाई है. उन्होंने भाजपा की ओर से बुलाए गए झारखंड बंद को सफल बताते हुए जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडिया का आभार जताया. उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.
