Ranchi: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन की कार्यवाही और विपक्ष के रवैये को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सदन चलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जिस तरह सदन में नोट उड़ाए गए, उससे स्थिति बिगड़ी. मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए अपने स्तर से लगातार प्रयास किए. सरकार की ओर से भी हर संभव कोशिश की गई, लेकिन विपक्ष के रवैये के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी.
‘सरकार रोजगार के मुद्दे पर गंभीरता से कर रही काम’
हेमंत सोरेन ने कहा कि सच्चाई को चाहे कितनी भी बंदिशों में रखने की कोशिश की जाए, वह सामने आ ही जाती है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य और रोजगार के मुद्दे पर गंभीरता से काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने केंद्र की नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश में रोजगार का संकट बढ़ रहा है. उनके अनुसार कई छोटे-बड़े और मध्यम स्तर के प्रतिष्ठान बंद हो रहे हैं. ऐसे में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर कहां से आएंगे, यह बड़ा सवाल है.
नियुक्तियों के आंकड़ों का दिया हवाला
मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में हुई सरकारी नियुक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई भर्तियों को लेकर सवाल जरूर उठे हैं, लेकिन सरकार ने उन पर जवाब देने और समाधान निकालने का प्रयास किया है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में हुई कई नियुक्तियों में 75 से 100 प्रतिशत तक चयनित अभ्यर्थी झारखंड के मूल निवासी रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों के आंकड़े सरकार के पास हैं और विपक्ष के सवालों का जवाब भी दिया जा सकता है.
भाजपा शासन की नियुक्तियों पर उठाया सवाल
हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया कि भाजपा के शासनकाल में दूसरे राज्यों के लोगों को बड़े स्तर पर नियुक्तियां मिली थीं. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाने वाले विपक्ष को अपने शासनकाल के आंकड़ों पर भी बात करनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की राजनीति के पीछे कई तरह की महत्वाकांक्षाएं हैं और इसी वजह से उसे वास्तविक आंकड़ों को स्वीकार करना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने विधानसभा सत्र के समय से पहले समाप्त होने को लेकर भी विपक्ष के रवैये को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि सरकार की कोशिश सदन को चलाने की थी, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन गईं कि कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी.
