Ranchi: झारखंड में थ्रोबॉल खेल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. झारखंड राज्य थ्रोबॉल संघ के अध्यक्ष वेदांत कौस्तव ने “थ्रोबॉल एसोसिएशन ऑफ झारखंड” के गठन को खेल को बांटने की साजिश बताते हुए इसके खिलाफ तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि समानांतर संगठन बनाकर खिलाड़ियों को भ्रमित किया जा रहा है और राज्य में थ्रोबॉल की वर्षों की मेहनत से बनी पहचान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है.
गंभीर सवाल
वेदांत कौस्तव ने कहा कि झारखंड राज्य थ्रोबॉल संघ ने लगातार मेहनत के दम पर राज्य को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई है. दक्षिण एशियाई प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन और खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से झारखंड का नाम पूरे देश में पहुंचा है. ऐसे समय में नया संगठन बनाना खेल और खिलाड़ियों के हितों के खिलाफ है. सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए कौस्तव ने पूर्व खेल मंत्री और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो का नाम नए संगठन के मुख्य संरक्षक के रूप में सामने आने पर हैरानी जताई. उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में सुदेश महतो ने झारखंड राज्य थ्रोबॉल संघ द्वारा आयोजित 32वीं जूनियर राष्ट्रीय थ्रोबॉल प्रतियोगिता के मंच से संघ के कामकाज और खिलाड़ियों की उपलब्धियों की खुलकर सराहना की थी. ऐसे में अब उसी संघ के समानांतर संगठन का संरक्षक बनना कई गंभीर सवाल खड़े करता है.

हजारों खिलाड़ियों के सपनों और मेहनत का मंच
उन्होंने कहा कि एक पूर्व खेल मंत्री की जिम्मेदारी खेलों को जोड़ने और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की होती है, लेकिन इस तरह के कदम से खेल जगत में भ्रम, विवाद और विभाजन की स्थिति पैदा होने का खतरा बढ़ गया है. वेदांत कौस्तव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और संकीर्ण हितों के लिए थ्रोबॉल को विवाद की ओर धकेल रहे हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि “थ्रोबॉल किसी व्यक्ति की जागीर नहीं, बल्कि हजारों खिलाड़ियों के सपनों और मेहनत का मंच है.” उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड राज्य थ्रोबॉल संघ किसी भी विभाजनकारी प्रयास का लोकतांत्रिक और संगठनात्मक तरीके से मजबूती से जवाब देगा. साथ ही खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, जिला संघों और अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक प्रचार में न आएं और राज्य में थ्रोबॉल की एकता और विकास के लिए एकजुट रहें.
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