Bundu/Ranchi: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) की मुख्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना ने रविवार को तमाड़ प्रखंड स्थित प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक धार्मिक स्थल दिऊड़ी मंदिर तथा सूर्य मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की. मंदिर परिसर में उन्होंने श्रद्धापूर्वक दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के उज्ज्वल भविष्य और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रार्थना की.
मुख्य सचिव ने की अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों से मुलाकात
मंदिर दर्शन के उपरांत मुख्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना एदेलहातु पंचायत पहुंचीं, जहां उन्होंने अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं तथा वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. बच्चों ने भी अपनी दैनिक जरूरतों और सामने आने वाली चुनौतियों को उनके समक्ष रखा.
अनाथ बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी- मुख्य सचिव
बच्चों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद रंजना अस्थाना ने उपस्थित पारा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा, कि सरकार द्वारा संचालित सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक समय पर और बिना किसी बाधा के पहुंचना सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों, विशेषकर अनाथ बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. किसी भी बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य, पहचान पत्र, छात्रवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए.
उन्होंने कहा कि विधिक सेवा संस्थाओं और पारा लीगल वॉलंटियर्स की भूमिका केवल कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. यदि किसी पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है, तो संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उसका समाधान किया जाना चाहिए.
बच्चों के कल्याण एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने का लिया गया संकल्प
इस अवसर पर पीएलवी सोनामनी देवी, अनिमा मल्लिक, रुक्मिणी देवी, प्रदुमन प्रमाणिक, शोऐब अंसारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे. सभी ने बच्चों के कल्याण एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया. रंजना अस्थाना ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते हुए कहा, कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही विधिक सेवा संस्थाओं का मूल उद्देश्य है.


