Ranchi: राजधानी रांची में सक्रिय नशीले पदार्थों के सिंडिकेट पर शिकंजा कसते हुए पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. धुर्वा थाना क्षेत्र से जुड़े एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे राष्ट्रीय स्तर के पहलवान को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है.

2013 का नेशनल मेडल विजेता निकला तस्कर:
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के रोहतक (सांपला, केसस्ती) निवासी अमित के रूप में हुई है. अमित वर्ष 2013 में नेशनल रेसलिंग प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है. पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि खेल की दुनिया से जुड़ा यह खिलाड़ी झारखंड से अफीम खरीदकर दिल्ली-एनसीआर तक सप्लाई करने वाले गिरोह का हिस्सा बन चुका था.
2023 के अफीम मामले में चल रहा था फरार:
अमित के खिलाफ 20 अप्रैल 2023 को रांची के धुर्वा थाने (कांड संख्या 116/23) में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 500 ग्राम प्रतिबंधित अफीम जब्त की थी. जांच के दौरान धुर्वा थाना पुलिस को गिरोह के मास्टरमाइंड और इसमें शामिल अन्य तस्करों के बारे में अहम सुराग मिले, जिसमें अमित का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया.
दिल्ली के रोहिणी से संयुक्त छापेमारी में गिरफ्तारी:
अमित के दिल्ली में छिपकर रहने की गुप्त सूचना मिलने के बाद धुर्वा थाना के अनुसंधानकर्ता विवेक कुमार महतो के नेतृत्व में एक टीम दिल्ली भेजी गई. रांची पुलिस ने दिल्ली क्राइम ब्रांच (NR-II) के साथ समन्वय स्थापित कर 18 अगस्त को रोहिणी के मधुबन चौक पर छापेमारी की और अमित को धर दबोचा. पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी अमित ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं. अमित के अनुसार, वह शरीर में एनर्जी और स्टैमिना बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल और सप्लाई करता था.उसने दावा किया कि अफीम के सेवन या इस्तेमाल के तीन दिन बाद यह डोप टेस्ट की पकड़ में नहीं आता है.
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