Ranchi: रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर आंदोलित छात्रों के पक्ष में अब राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के युवाओं के विरोध-प्रदर्शन को खुला समर्थन दिया है. कहा है कि चुनावी दौर में उन्होंने खुद उम्मीदवारों के दर्द और निराशा को बेहद करीब से महसूस किया है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जेएमएम-कांग्रेस-राजद सरकार ने शुरुआती दौर में ही छात्रों की शिकायतों पर पारदर्शी और संवेदनशील रुख अपनाया होता, तो आज झारखंड के युवाओं को सड़कों पर उतरने की मजबूरी नहीं होती.

लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर
सरमा ने राज्य की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और प्रशासनिक गड़बड़ियों ने लाखों प्रतिभाशाली युवाओं के सपनों को संकट में डाल दिया है. सरकार की लचर कार्यशैली के कारण आज प्रदेश का युवा वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है.

तत्काल मांगें पूरी करने की चेतावनी
असम के मुख्यमंत्री ने झारखंड सरकार से मांग की है कि छात्रों की सभी न्यायसंगत मांगों को बिना किसी देरी के स्वीकार किया जाए. उन्होंने दो टूक कहा कि छात्र अपने भविष्य और हक के लिए लड़ रहे हैं और युवाओं के भविष्य के साथ हो रहा यह अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.
