Giridih: जमुआ थाना क्षेत्र के सवैईटांड़ के पास सोमवार देर रात ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए अवैध माइका (ढिबरा) से लदी एक बड़ी पिकअप वैन को पकड़ लिया. सूचना मिलते ही जमुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को अपने कब्जे में लेकर थाना ले गई. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.

गंभीर सवाल
इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर गिरिडीह में फल-फूल रहे कथित अवैध माइका कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध माइका से लदी गाड़ियां लगभग रोजाना खोरीमहुआ मार्ग से होकर पंचम्बा तक पहुंचती हैं. ग्रामीणों का दावा है कि पंचम्बा निवासी कल्लु मियां के संरक्षण में यह कारोबार वर्षों से संचालित हो रहा है. हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अवैध खनन रोकने के लिए जिला प्रशासन ने टास्क फोर्स गठित कर रखी है और समय-समय पर छापेमारी भी होती है, तब भी आखिर अवैध माइका का यह नेटवर्क कैसे बेखौफ होकर सक्रिय है? क्या कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित है, या फिर इस पूरे खेल को किसी का संरक्षण प्राप्त है?
कानूनी कार्रवाई की जाएगी
ग्रामीणों का कहना है कि गावां और तिसरी प्रखंड से बड़े पैमाने पर ढिबरा निकालकर लगभग 50 से 60 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पंचम्बा पहुंचाया जाता है. इस दौरान कई थाना क्षेत्रों से होकर वाहन गुजरते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी लंबी दूरी तक अवैध माइका से लदे वाहन बिना प्रभावी रोक-टोक के कैसे निकल जाते हैं? घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पूरे अवैध नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर खनन, परिवहन और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है. वहीं, पुलिस का कहना है कि पकड़े गए वाहन और उसमें लदे माइका की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

