Chakradharpur: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में संचालित 90 दिवसीय गहन कानूनी जागरूकता एवं आउटरीच कार्यक्रम के तहत आज बंदगांव प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कंकुवा में ‘नालसा’ जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति सचेत करना और उन्हें उनके मौलिक अधिकारों से अवगत कराना था.
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की दो गई जानकारी
इस दौरान उपस्थित कानूनी विशेषज्ञों और अधिकार मित्रों ने ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006’ की विस्तृत जानकारी दी. विद्यार्थियों को बताया गया कि बाल विवाह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक, शारीरिक स्वास्थ्य और उनकी शिक्षा के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है. चर्चा के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि बाल विवाह को रोकने में समाज, शिक्षण संस्थानों और अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.

वक्ताओं ने कहा कि जब समाज का हर वर्ग जागरूक होगा, तभी बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा. इस जागरूकता अभियान में मुख्य रूप से बंदगांव प्रखंड के अधिकार मित्र, विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं समस्त शिक्षकगण, बड़ी संख्या में विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
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