Ranchi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भारत ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है. वर्ष 2019 से 2026 तक भारत ने दुनिया के 36 अलग-अलग देशों से 274 भगोड़ों को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित या वापस लाया है. मोदी सरकार ने अपराधियों के प्रत्यर्पण को एक ‘राष्ट्रीय प्राथमिकता’ बनाते हुए इसके खिलाफ तीन मजबूत स्तंभों वैश्विक संचालन, मजबूत आंतरिक समन्वय और स्मार्ट कूटनीति पर काम किया है.

2014 से पहले की कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियां
2014 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार तत्कालीन समय में प्रत्यर्पण कानून पुराने पड़ चुके थे और केवल 37 देशों के साथ ही प्रत्यर्पण संधियां थीं. आर्थिक अपराधियों को पकड़ने और उनकी संपत्ति जब्त करने के लिए कोई अलग और प्रभावी कानूनी ढांचा नहीं था. वर्ष 2004 से 2013 के दौरान हर साल औसतन केवल चार भगोड़ों का प्रत्यर्पण हो पाता था, जबकि 110 से अधिक अनुरोध लंबित पड़े रहते थे.

मोदी सरकार ने 2019 के बाद से कई महत्वपूर्ण कानूनी और संस्थागत सुधार लागू किए:
2019 में NIA संशोधन अधिनियम और UAPA संशोधन अधिनियम लागू किए गए, जिससे कार्रवाई का दायरा केवल संगठनों तक सीमित न रहकर व्यक्तिगत आतंकियों, हैंडलर्स और उनके फंडिंग नेटवर्क तक बढ़ा दिया गया. वर्ष 2024 में लागू नए आपराधिक कानूनों विशेषकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 355 और 356 के तहत पहली बार भगोड़ों की अनुपस्थिति में भी उन पर ट्रायल चलाने का प्रावधान किया गया. जनवरी 2025 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘भारतपोल’ की शुरुआत की. इस सिस्टम ने सीबीआई राज्य पुलिस मुख्यालयों और जिला पुलिस की 1,400 से अधिक इकाइयों को इंटरपोल से जोड़ दिया है, जिससे सूचना साझा करने का रिस्पॉन्स टाइम घटकर 3 से 10 दिन रह गया है.

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रेड कॉर्नर नोटिस में बढ़ोतरी:
इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है. पिछले तीन वर्षों में ही 401 भगोड़ों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए (2022 में 40, 2023 में 100, 2024 में 107, 2025 में 112 और 2026 में अब तक 182). इसके अलावा विदेशों में पहचान बदलकर छिपे अपराधियों को खोजने के लिए ऑपरेशन त्रिशूल’ चलाया गया. इसमें सैटेलाइट डेटा, डिजिटल फुटप्रिंट्स और प्रोफाइल-मैपिंग का इस्तेमाल करके भगोड़ों की सटीक लोकेशन को ट्रैक किया गया.

