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होमगार्ड भर्ती में मेडिकल जांच के नाम पर अवैध वसूली, डॉक्टर और जवान पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश

Chatra : जिले में नवचयनित होमगार्ड जवानों की बहाली प्रक्रिया के दौरान मेडिकल जांच और प्रमाण पत्र सत्यापन के नाम पर अवैध...

Illegal recovery in the name of medical examination in Home Guard recruitment, instructions to register FIR against doctor and soldier

Chatra : जिले में नवचयनित होमगार्ड जवानों की बहाली प्रक्रिया के दौरान मेडिकल जांच और प्रमाण पत्र सत्यापन के नाम पर अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है. शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित और कड़ा रुख अपनाया है. डीसी के निर्देश पर चतरा के प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार गोप ने सदर थाना में दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आधिकारिक निर्देश दिया है.

25 जुलाई से चल रही थी प्रक्रिया, 2 से 6 हजार तक की मांग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चतरा स्थित जिला समादेष्टा होमगार्ड कार्यालय में नवचयनित होमगार्ड जवानों के शैक्षणिक तथा अन्य प्रमाण पत्रों का सत्यापन और मेडिकल जांच का कार्य 25 जुलाई से शुरू हुआ था, जो 12 अगस्त प्रस्तावित है. इसी दौरान विभिन्न अभ्यर्थियों द्वारा यह शिकायत दर्ज कराई गई कि मेडिकल जांच में पास करने और प्रमाण पत्र ओके करने के एवज में उनसे दो हजार रुपये से लेकर छह हजार रुपये तक की अवैध राशि की मांग की जा रही है.

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जांच में डॉक्टर और जवान की भूमिका पाई गई संदिग्ध

अवैध वसूली की शिकायतें मिलने के बाद प्रभारी बीडीओ मनोज कुमार गोप द्वारा मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की गई. पूछताछ और जांच के दौरान यह बात सामने आई कि अभ्यर्थियों से पैसे वसूलने के इस खेल में मेडिकल टीम में तैनात एक डॉक्टर और एक होमगार्ड जवान सीधे तौर पर शामिल हैं. प्रथम दृष्टया दोनों की संलिप्तता स्पष्ट पाए जाने के बाद उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा गया है. सदर थाना प्रभारी को आवेदन देकर सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की दंडात्मक कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई है.

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी

प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. इस कार्रवाई के बाद अब समादेष्टा कार्यालय में चल रही संपूर्ण जांच प्रक्रिया पर कड़ी प्रशासनिक निगरानी बैठा दी गई है, ताकि भविष्य में कोई भी अभ्यर्थियों का शोषण न कर सके और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे.

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