रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने BIT मेसरा के छात्र राजा पासवान की हत्या के मामले में एक आरोपित निपुन तिर्की को जमानत की सुविधा प्रदान की है. अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कालेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई और उसे लापरवाह करार दिया. इसके साथ ही अदालत ने रांची उपायुक्त को छात्र के स्वजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है.
सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करने का आदेश
अदालत ने राज्य सरकार से संस्थान परिसर में सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करने को भी कहा है. आरोपी निपुन तिर्की भी बीआइटी मेसरा का ही छात्र है. वह पिछले साल 23 नवंबर से न्यायिक हिरासत में था. अदालत ने उसे 15 हजार रुपये के दो निजी मुचलके रिहा करने का आदेश दिया है. हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई. अदालत ने इस मामले के अन्य सह आरोपित मौसम कुमार सिंह, साहिल अंसारी, इरफान अंसारी और अभिषेक कुमार की जमानत याचिका पिछले साल अगस्त में ही खारिज कर दी थी.
माता-पिता को अंतरिम मुआवजे देने का निर्देश
अदालत ने अपने निर्णय में कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि घटना के बाद कालेज प्रशासन ने राजा के परिजनों को सच्चाई से अवगत नहीं कराया. उन्हें बताया गया कि राजा ने अत्यधिक शराब पी ली है, जबकि वास्तविकता में वह दो बार हमले का शिकार हुआ था. अदालत ने कहा कि अगर प्रशासन ने समय रहते राजा को अच्छे अस्पताल में भर्ती कराया होता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी. हाई कोर्ट ने राजा के माता-पिता को अंतरिम मुआवजे के रूप में पांच लाख रुपये तत्काल देने का निर्देश रांची उपायुक्त को दिया है.
यह भी पढ़ें: चाईबासा: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने सुनाई 15 साल की सजा
