इंटरमीडिएट 2026 में गुमला का परचम: आर्ट्स में पहला, साइंस- कॉमर्स में भी टॉप-3 में दबदबा

Gumla: शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते हुए गुमला जिला ने वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल...

Gumla: शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते हुए गुमला जिला ने वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. मैट्रिक के बाद इंटरमीडिएट में भी जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आर्ट्स में राज्य में प्रथम, साइंस में द्वितीय तथा कॉमर्स में तृतीय स्थान प्राप्त किया है.

तीनों संकाय में शानदार प्रदर्शन

इंटरमीडिएट आर्ट्स संकाय में कुल 6560 परीक्षार्थियों में से 6529 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जिससे उत्तीर्ण प्रतिशत 99.52 रहा. इनमें 5317 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की. पिछले वर्ष की तुलना में यह उल्लेखनीय सुधार है, जब जिला चौथे स्थान पर था.

इंटरमीडिएट साइंस संकाय में कुल 974 परीक्षार्थियों में से 887 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जिससे उत्तीर्ण प्रतिशत 91.06 रहा. इनमें 809 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की. यह पिछले वर्ष के छठे स्थान से उन्नति करते हुए इस वर्ष द्वितीय स्थान प्राप्त करने का परिणाम है.

इंटरमीडिएट कॉमर्स संकाय में कुल 510 परीक्षार्थियों में से 502 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जिससे उत्तीर्ण प्रतिशत 98.43 रहा. इनमें 400 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की. इस संकाय में जिला ने पिछले वर्ष के 14वें स्थान से सुधार करते हुए इस वर्ष तृतीय स्थान प्राप्त किया है.

‘विजय अभियान’ और ‘गिफ्ट ऑफ एजुकेशन’ की अहम भूमिका

इस सफलता के पीछे जिला प्रशासन द्वारा संचालित “बोर्ड परीक्षा विजय अभियान” तथा “गिफ्ट ऑफ एजुकेशन” गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. अभियान के तहत कंट्रोल यूनिट, ऑडियो-वीडियो मॉनिटरिंग, विषय विशेषज्ञों की कोर टीम, समयबद्ध सिलेबस, नियमित पुनरावृत्ति, मॉक टेस्ट और रेमेडियल कक्षाओं पर विशेष ध्यान दिया गया.

सतत मॉनिटरिंग से शिक्षा व्यवस्था में सुधार

शैक्षणिक सुधार के लिए प्रशासनिक स्तर पर सतत मॉनिटरिंग लागू की गई. पूर्व उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित एवं वर्तमान उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो के नेतृत्व में विद्यालयों का अनुश्रवण, वीडियो कॉल निगरानी और शिक्षकों की जवाबदेही तय की गई, जिससे शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हुआ.

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टीमवर्क और समर्पण का परिणाम: उपायुक्त

जिला शिक्षा विभाग, DIET, कोर टीम, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बीआरपी-सीआरपी, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों के समन्वित प्रयास से यह उपलब्धि संभव हुई. विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रश्न पत्र विश्लेषण और नियमित अभ्यास से विद्यार्थियों की तैयारी मजबूत की गई.

उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि मैट्रिक में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान के बाद इंटरमीडिएट में भी तीनों संकाय में शीर्ष तीन में स्थान मिलना टीमवर्क, सतत मॉनिटरिंग और समर्पण का परिणाम है. उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए इसे नवाचार और अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया.

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