Ranchi: प्रसूता रीना देवी की इलाज में कथित लापरवाही से हुई मौत के मामले में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्राथमिकी के विरोध में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने जामताड़ा जिला समाहरणालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए. सदर अस्पताल के समीप से रैली निकालकर कार्यकर्ता समाहरणालय पहुंचे, जहां सभा आयोजित कर जिला प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री रणधीर सिंह, पूर्व जामा विधायक एवं जामताड़ा विधानसभा की भाजपा प्रत्याशी सीता सोरेन, पूर्व सांसद सुनील सोरेन, भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे. नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, रोजगार, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर राज्य सरकार को घेरा तथा जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए.
FIR के विरोध में समाहरणालय घेराव
गौरतलब है कि जामताड़ा सदर अस्पताल में प्रसूता रीना देवी की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद भाजपा ने विरोध प्रदर्शन किया था. उस दौरान अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की घटना भी हुई थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण समेत आठ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी. इसी कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने समाहरणालय घेराव का आयोजन किया.
बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सभा को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड में अवैध खनन, बालू, लोहा और कोयला कारोबार चरम पर है, जबकि राज्य की खनिज संपदा का समुचित लाभ जनता को नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य ओडिशा में अधिक खदानों का पट्टा दिया गया और वहां रॉयल्टी भी झारखंड की तुलना में कहीं अधिक प्राप्त हुई, जबकि झारखंड में संसाधन होने के बावजूद विकास नहीं हो रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनता के विकास के बजाय अपने हितों को प्राथमिकता दे रही है तथा भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय सड़क निर्माण शुरू होता है और चुनाव खत्म होते ही कार्य बंद हो जाता है.
स्वास्थ्य व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
मरांडी ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में ही अस्पतालों की स्थिति दयनीय है. उन्होंने आरोप लगाया कि एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं में भी टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कमीशनखोरी हो रही है और सरकार अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है.
उन्होंने जेएसएससी और जेपीएससी परीक्षाओं का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार ने उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक करने का वादा किया था, लेकिन अब उससे पीछे हट रही है. साथ ही उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए.
सुनील सोरेन ने प्रशासन पर लगाए आरोप
पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने जिला प्रशासन की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि अधिकारियों को निष्पक्ष होकर कार्य करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी निष्पक्षता बनाए रखना है. उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भाजपा की सरकार बनने पर पक्षपातपूर्ण कार्य करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.
रणधीर सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं को बताया बदहाल
पूर्व मंत्री रणधीर सिंह ने जिला प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि प्रशासन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के दबाव में कार्य कर रहा है. उन्होंने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बदहाल बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए.
सीता सोरेन ने सरकार को घेरा
वहीं सीता सोरेन ने राज्य सरकार के साढ़े छह वर्षों के कार्यकाल को विफल बताते हुए स्वास्थ्य, रोजगार और शिक्षा के मुद्दों पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, कई स्थानों पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हैं और मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने थैलेसीमिया मरीजों की समस्याओं, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी तथा भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले युवाओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनाव में सरकार को बदलने का आह्वान किया.
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आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन और सरकार जनहित के मुद्दों पर गंभीर नहीं हुई तो पार्टी आगे भी चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेगी. पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही.
वंदे मातरम् विवाद पर बाबूलाल मरांडी का बयान
इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने वंदे मातरम् के विरोध के मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को वंदे मातरम् पसंद नहीं है, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा और राष्ट्रभक्ति का मंत्र था. अनेक क्रांतिकारी वंदे मातरम् का उद्घोष करते हुए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर चढ़ गए. मरांडी ने आरोप लगाया कि कुछ मुस्लिम नेताओं और मौलानाओं को खुश करने के लिए कांग्रेस ने इस परंपरा से दूरी बनाई. उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वंदे मातरम् को सदन में सम्मान दिलाने का कार्य किया गया, जिससे देश की जनता की भावनाओं का सम्मान हुआ.
