Newswave Desk:बीजेपी ने बंगाल में पहली बार एक नई सियासत लिखी है. बीजेपी के लिए सिर्फ यह एक जीत नहीं बल्कि यह उस ‘पितृऋण’ की भी अदायगी है, जो जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के प्रति बीजेपी के हर एक कार्यकर्ताओं पर बकाया था. बीजेपी के ‘पितामह’ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि पर पहली बार ‘कमल’ खिला है.बीजेपी की संस्थापक दिन दयाल उपाध्याय के मिशन को उतराखंड से उत्तरप्रदेश में पहले ही सरकार बना ली थी, लेकिन श्यामा प्रासाद मुखर्जी की जन्मभूमि बंगाल में 75साल के बाद बीजेपी का सपना पूरा हुआ है.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार आना तय
पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव के नतीजे एकदम साफ होने के कगार पर है. रुझानों में राज्य में बीजेपी को बहुमत से ज्यादा सीटें मिलती दिख रही है. बीजेपी 190 से ज्यादा सीट पर बढ़त में है, वहीं टीएमसी को 100 से कम सीटें मिलती हुई नजर आ रही है.
बीजेपी पितामह का पितृऋण चुकाया
बीजेपी की बुनियाद श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों पर आधारित है. इसलिए श्याम प्रासाद मुखर्जी को बीजेपी का ‘पितामह’ कहा जाता है. जिनका सपना अब साकार हुआ.
Also Read:Latehar : एसपी ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ की बैठक, पुनर्वास योजनाओं का दिया भरोसा
