Ranchi: झारखंड के गढ़वा जिले में विकास योजनाओं की सुस्त रफ्तार और निर्माण कार्य में बरती जा रही कथित अनियमितता को लेकर राजनीति गरमा गई है. गढ़वा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायकसत्येंद्रनाथ तिवारी ने सड़क निर्माण कंपनी और विभागीय इंजीनियरों के खिलाफ बेहद तल्ख और विवादित टिप्पणी की है. विधायक ने खुलेआम चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की परेशानी के लिए वे ठेकेदार और इंजीनियर की पिटाई करने से भी पीछे नहीं हटेंगे.
क्या है पूरा मामला?
गढ़वा शहर के बीचों-बीच पिछले दो वर्षों से सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है. स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का आरोप है कि निर्माण की गति अत्यंत धीमी है, जिससे पूरा शहर धूल के गुबार में डूबा रहता है.इसी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता और इंजीनियरिंग डिजाइन को देखकर बिफर पड़े.
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विधायक के आक्रोश के मुख्य कारण:
सत्येंद्रनाथ तिवारी ने सड़क पर खड़े होकर अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि सड़क की ऊंचाई इतनी बढ़ा दी गई है कि किनारे स्थित दुकानें और घर नीचे हो गए हैं, जिससे भविष्य में जलजमाव और प्रवेश की समस्या होगी. पिछले दो सालों से उड़ रही धूल के कारण शहरवासियों को दमा और सांस की बीमारियां होने का खतरा बढ़ गया है. शहर की मुख्य लाइफलाइन कही जाने वाली इस सड़क का काम दो साल बाद भी अधूरा है.
पीपल के पेड़ पर लटका कर मारूंगा
आक्रोशित विधायक ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा, अगर मुझे जेल भी जाना पड़े तो मैं पीछे नहीं हटूंगा, लेकिन जनता के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सड़क बनाने वाली कंपनी के ठेकेदार और इंजीनियर को मैं पीपल के पेड़ पर लटकाकर जूतों से मारूंगा मैं सिर्फ कह नहीं रहा हूं बल्कि इसे करके दिखाऊंगा. उन्होंने आगे कहा कि यह सड़क लोगों की सुविधा के लिए बननी थी, लेकिन आज यह गढ़वा वासियों के लिए. आफत बन गई है. उन्होंने वर्तमान सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन और सरकार को जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है.
