Ranchi : बोकारो की नाबालिग लड़की लापता मामले में मां उषा झा द्वारा दायर हेवियस कार्पस याचिका पर गुरूवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायाधीश संजय प्रसाद की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपने के विकल्प पर जोर देते हुए कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) एवं अपराध अनुसंधान विभाग (CID) दोनों नाबालिग को ढूंढने में तालमेल बिठाए. मामले में 12ः45 में एक बार फिर सुनवाई होगी. इस दौरान असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया (ASGI) को अदालत में पक्ष रखने के लिए हाज़िर रहने को कहा है. इस दौरान अदालत में CID ADG समेत SIT की टीम मौजूद रही.
राज्य पुलिस अनुसंधान तक ही सीमित
दरअसल अदालत ने यह पाया कि जांच CID को सौंपे जाने के बाद भी राज्य पुलिस अब तक अनुसंधान तक ही सीमित है. ऐसे में नाबालिग को ढूंढने में केंद्रीय जांच एजेंसी ही मात्रा एक विकल्प नजर आ रही है. बता दें कि बोकारो से अक्टूबर 2020 में नाबालिग लड़की को लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. पुलिस को कोई सुराग नहीं मिलने पर नाबालिग की मां ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका दाखिल होने के बाद CID की भी एंट्री हुई लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया. ऐसे में अब अदालत जांच ब्ठप् को सौंप सकती है.

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