Bokaro : बोकारो थर्मल के स्थानीय लोगों और डीवीसी कामगारों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है. डीवीसी की ओर से 135 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) को 28 मई को आम जनता और डीवीसी कर्मियों के लिए खोल दिया जाएगा. इस बहुप्रतीक्षित ब्रिज का औपचारिक उद्घाटन डीवीसी के चीफ जीएम सह एचओपी सुशील कुमार अरजरिया द्वारा एक सादे समारोह में किया जाएगा. डीवीसी के इस फैसले से क्षेत्र की जनता में भारी उत्साह है. इस ओवर ब्रिज को पूरा होने में लगभग 11 वर्षों का लंबा समय लग गया.

तकनीकी खामियों के कारण रूका था काम
शुरुआती दौर में डिजाइन की गड़बड़ी और कई तकनीकी खामियों के कारण ब्रिज का निर्माण अधर में लटका रहा. राइट्स कंपनी और बीकेबी सुप्रीम डेको कंपनी द्वारा बनाएं जा रहे इस ब्रिज का काम करीब दो साल तक पूरी तरह ठप रहा. हालांकि, बोकारो थर्मल में बतौर एचओपी सुशील कुमार अरजरिया की पदस्थापना के बाद इस थमे हुए काम में तेजी आई. उन्होंने कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए इसके जिम्मेदार अधिकारियों में फेर बदल किया. एचओपी के सीधे दिशा-निर्देश पर कंस्ट्रक्शन हेड ने दिन-रात एक करके इस मुश्किल परियोजना को अंजाम तक पहुंचाया.
28 फरवरी को होना था उद्घाटन
दरअसल, इस आरओबी का उद्घाटन पहले 28 फरवरी को ही होना था, लेकिन कुछ अपरिहार्य कारणों और अंतिम दौर के काम अधूरे रहने की वजह से इसे टाला गया था. ब्रिज के चालू न होने से स्थानीय लोगों, डीवीसी कामगारों और खासकर स्कूली बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. रेलवे गेट बंद रहने के कारण घंटों ट्रैफिक जाम में फंसना लोगों की नियति बन गयी थी. इस बाईपास के चालू होने से अब बोकारो थर्मल के लोगों को रेलवे फाटक के लंबे और थकाऊ जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी.
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