बोकारो: विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति की बैठक

Bokaro:सोमवार को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विश्व तंबाकू निषेध दिवस...

Bokaro:सोमवार को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विश्व तंबाकू निषेध दिवस का शुभारंभ एवं जिला स्तरीय तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई. बैठक में जिले में संचालित तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की अब तक की प्रगति की समीक्षा की गई तथा अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई. डीसी अजय नाथ झा, एसपी नाथू सिंह मीना, डीडीसी शताब्दी मजूमदार, सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद एवं अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया.

बैठक की शुरुआत सिविल सर्जन ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 की थीम ‘आकर्षण को पहचानें ‘ तंबाकू और निकोटीन की लत का मुकाबला करें की जानकारी देकर की. उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण अभियान का प्रभाव केवल गतिविधियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका सकारात्मक परिणाम जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए. उन्होंने कहा कि तंबाकू उत्पादों के बाजार में सक्रिय असंगठित क्षेत्र युवाओं को नशे की ओर आकर्षित कर उन्हें खोखला करने का काम कर रहा है. ऐसे तत्वों और इनके नेटवर्क से समाज तथा देश को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है. इसलिए हमारे प्रयासों का वास्तविक प्रभाव और परिणाम दिखना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस संकल्प के साथ कार्य करें, ताकि हमारे कार्यों का आउटपुट और आउटकम दोनों नजर आए.

तंबाकू, नशापान और अवैध नेटवर्क को तोड़ना होगा

उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन, नशापान और इससे जुड़े अवैध नेटवर्क (नेक्सस) को तोड़ना अभियान का प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए. इसके लिए सूचना तंत्र को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने को कहा. उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए. अभियान का असर समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए.

तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाने की दिशा में करें कार्य

उपायुक्त ने कहा कि पंचायत स्तर पर मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से तंबाकू मुक्त गांवों को विकसित किया जाए तथा ऐसे गांवों में तंबाकू मुक्त ग्राम के बोर्ड लगाए जाएं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान को परिणामोन्मुख बनाते हुए ऐसा वातावरण तैयार करें, जिससे लोग स्वयं तंबाकू और नशे की आदत छोड़ने के लिए प्रेरित हों. उन्होंने कहा कि आने वाले एक माह में सभी विभाग बेहतर कार्य करें और उसका सकारात्मक सामाजिक प्रभाव भी दिखाई दे. इस अवसर पर उपायुक्त ने उपस्थित सभी को तंबाकू निषेध शपथ दिलाई.  उन्होंने शपथ को पढ़ा, जिसका सभी ने दोहराव किया.

सतत मॉनिटरिंग और सख्त कार्रवाई होगी 

पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना ने कहा कि अभियान की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी. उन्होंने बताया कि विद्यालयों एवं थाना परिसरों के आसपास निर्धारित मानकों के अनुरूप साइनबोर्ड लगाए जाएंगे. साथ ही, थाना प्रभारी – पेट्रोलिंग वाहन की टीम कोटपा अधिनियम के तहत सक्रिय रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.

डेटा संग्रह कार्रवाई और अभियान मोड में हो कार्य

उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रभावी तंबाकू नियंत्रण के लिए डेटा संग्रहण अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने असंगठित क्षेत्र की निरंतर निगरानी, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने, प्रतिबंधित सामग्री जब्त करने तथा अभियान मोड में कार्रवाई करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सुनियोजित, सतत एवं प्रभावी प्रयासों से ही अभियान के अपेक्षित परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं.

तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की उपलब्धियों की दी जानकारी

जिला परामर्शी असलम ने कोटपा-2003 की विभिन्न धाराओं के अनुपालन को लेकर जिला, अनुमंडल, प्रखंड एवं थाना स्तर पर की गई कार्रवाई की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि बोकारो जिले में 475 दुकानदारों का चालान कर 1,09,100 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है.

वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुखियाओं के सहयोग से 46 गांवों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया. वहीं, 77 विद्यालयों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 20,143 बच्चों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया.  इसके अलावा 913 विद्यालयों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान घोषित किया गया.तंबाकू मुक्त युवा अभियान के तहत 495 गैर-सरकारी विद्यालयों, 837 सरकारी विद्यालयों, 4 कॉलेजों, 127 ग्राम पंचायतों एवं 138 स्वास्थ्य संस्थानों में शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए है.

26 जून तक जागरूकता अभियान

एनसीडी की नोडल पदाधिकारी डॉ सुधा सिंह ने बताया कि आगामी 26 जून 2026 तक जिले में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने सभी विभागीय प्रधानों से अपने-अपने स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने तथा तंबाकू मुक्त झारखंड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया. इस अवसर पर मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार, डीएस एन पी सिंह, डीपीआरओ रवि कुमार, डीएसडब्ल्यूओ डॉ. सुमन गुप्ता, जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बून, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह, सभी प्रखंडों के एमओआइसी आदि उपस्थित थे.

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