– सीआईडी की स्पेशल कोर्ट में 35 पन्नों का जिस्ट, 120 पन्नों की केस डायरी और साक्ष्य के रूप में 25 लोगो का बयान भी सौंपा
Ranchi: बोकारो के एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में हुए 11 करोड़ रुपए की अवैध निकासी मामले में सीआईडी ने अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है. सीआईडी के स्पेशल कोर्ट में चार आरोपियों लेखापाल कौशल कुमार पांडेय, गृह रक्षक सतीश कुमार, एएसआई अशोक कुमार भंडारी और आरक्षी काजल मंडल के विरुद्ध चार्जशीट शुक्रवार को दाखिल हुआ. सीआईडी ने करीब 35 पेज के चार्जशीट का जिस्ट व 120 पेज की केस डायरी के साथ आरोपियों द्वारा निकासी की गई राशि के फारेंसिक ट्रेल, फाइनांशियल ट्रेल की ऑडिट रिपोर्ट भी सीआईडी ने कोर्ट को सौंपा है. सीआईडी की ओर से साक्ष्य के रूप में करीब 25 लोगों के बयान को भी लगाया गया है. सीआइडी ने मजबूत साक्ष्य के साथ चार्जशीट दाखिल की है, ताकि न्यायालय में ट्रायल के दौरान सभी आरोपियों को सजा दिलाई जा सके. इस मामले में बोकारो स्टील सिटी थाना में सात अप्रैल को मुख्य आरोपी कौशल कुमार पांडेय व अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हुई थी. इसी प्राथमिकी को टेकओवर करते हुए सीआईडी ने 24 अप्रैल को सीआईडी थाना रांची में प्राथमिकी दर्ज करते हुए अनुसंधान शुरू किया था. अनुसंधान के दौरान सीआईडी को जानकारी मिली की मुख्य आरोपी कौशल पांडेय ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 11 करोड़ की अवैध निकासी एसपी कार्यालय बोकारो से की. जिसे पहले 21 से अधिक खातों में ट्रांसफर किया गया। फिर इन खातों से 600 से अधिक खातों में पैसे कई लेयर में भेजे गए. इन सभी खातों को सीआईडी की एसआईटी ने फ्रीज करा दिया है. इसके साथ ही कोर्ट को यह भी बताया गया है कि कौशल कुमार पांडे और अन्य सहयोगियों के ठिकानों से अर्जित तेलीही, बोकारो में लगभग 4.08 और 4.98 डिसमिल जमीन पर बने आलीशान मकान और दस्तावेज को जब्त किया गया है। सीआइडी ने कोर्ट को यह भी बताया है कि अभी इस पूरे मामले में अनुसंधान जारी है.

कौशल पांडेय ने 29 महीने में 63 बार में 4.29 करोड़ रुपए निकाले:
चार्जशीट में आरोपियों की भूमिका के संबंध में भी जानकारी दी गई है. सीआईडी के एसआईटी ने बताया है कि कौशल कुमार पांडेय जो लेखापाल था वह इस पूरे घोटाले का मुख्य मास्टरमाइंड है. यह बोकारो एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में कार्यरत था. इसी ने ई-कुबेर पोर्टल और कंप्यूटर डेटा के साथ छेड़छाड़ कर मृत और रिटायर्ड पुलिसकर्मियों के नाम पर फर्जी बिल बनाए और करोड़ों रुपए अपनी पत्नी व मां के खातों में ट्रांसफर किए. कौशल पांडेय ने अपनी पत्नी अनु पांडेय व मां बृज कुमारी देवी के खाते में अवैध वेतन निकासी के रुपए भेजे. उसने सेवानिवृत्त हवलदार उपेंद्र सिंह की जुलाई 2016 में सेवानिवृत्ति के बाद उनकी जन्मतिथि में फेरबदल कर उनकी सेवानिवृत्ति मार्च 2026 दिखाई और उनके वेतन मद में नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक यानी 29 महीने में 63 बार में धोखाधड़ी से 4.29 करोड़ रुपए की निकासी की। चार्जशीट में बताया है कि कौशल पांडेय डीडीओ को विश्वास में लेकर ओटीपी लेने के बाद धोखे से हस्ताक्षर करवा लेता था. वह पुलिसवालों के बेहतर कार्य के बदले मिलने वाली राशि को अपनी मां बृज कुमारी देवी के खाते में भेजता था. वर्ष 2021 के बाद उसने एस. कुमार, सेवानिवृत्त राजेंद्र सिंह, राम नरेश सिंह, दशरथ सिंह, ए. मिंज, ललिता सिंह के जीपीएफ नंबर में फेरबदल कर अपनी मां के खाते में राशि स्थानांतरित की थी.
सतीश कमार के खाते में ट्रासफर होती थी राशि, नगद लेता था कौशल:
होमगार्ड के जवान सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह मुख्य आरोपी कौशल पांडेय का सबसे खास सहयोगी था. सीआईडी की जांच में इसके बैंक खाते में 1.06 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन-देन का पता चला. यह कौशल के कहने पर अवैध रूप से निकाले गए पैसों को अपने खाते में मंगाता था और कैश निकालकर कौशल को देता था.
एएसआई अशोक कुमार भंडारी के खाते में गए 1.11 करोड़:
एएसआई अशोक कुमार भंडारी बोकारो एसपी ऑफिस की लेखा शाखा में एएसआई के पद पर तैनात था. कौशल पांडेय के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने के आरोप में सीआईडी ने इसे तीसरी बड़ी गिरफ्तारी के रूप में दबोचा था. इसके खाते और करीबियों के जरिए भी 1.11 करोड़ रुपए की अवैध निकासी की राशि आई थी.
काजल मंडल के घर छापेमारी में मिले थे 8.75 लाख:
आरक्षी काजल मंडल भी बोकारो एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में पदस्थापित था. सीआईडी ने इसे चौथी बड़ी विभागीय गिरफ्तारी के रूप में पकड़ा था. गिरफ्तारी के बाद सीआईडी ने जब काजल मंडल के घर पर छापेमारी की थी, तो वहां से 8.75 लाख रुपए नकद बरामद हुए थे. इस पर आरोप है कि मुख्य आरोपी कौशल पांडेय यात्रा मद की अवैध राशि इसके खाते में भेजता था, जिसे यह कैश निकालकर अपने पास छुपाता था.
हजारीबाग से अवैध निकासी मामले में इस हफ्ते होगा चार्जशीट:
हजारीबाग से अवैध वेतन निकासी मामले में सीआईडी सोमवार को रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सकती है. यहां करीब 31 करोड़ रुपए की अवैध निकासी मामले का खुलासा हो चुका है. हजारीबाग से अवैध वेतन निकासी मामले का मास्टरमाइंड शंभू कुमार सिंह सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इन सभी के विरुद्ध विरुद्ध चार्जशीट दाखिल होनी है.


