न्यूज वेभ डेस्कः ओमान के तट के करीब होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज जीएफएस गैलेक्सी) पर हुए भीषण हमले के बाद समुद्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है. इस हमले की चपेट में आए चालक दल के 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नाविक अब भी लापता है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे वैश्विक नौवहन सुरक्षा के लिए ‘गंभीर चिंता’ का विषय बताया है.
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा भारतीय दूतावास
साइप्रस के ध्वज वाले इस जहाज पर ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा हमला किए जाने की बात सामने आई है, जिससे इसके इंजन रूम में आग लग गई. हादसे के तुरंत बाद भारतीय विदेश मंत्रालय पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास वहां के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार तालमेल बिठाकर लापता भारतीय नागरिक की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है. भारत ने त्वरित सहायता के लिए ओमानी प्रशासन का आभार भी जताया है.
अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में शांति की अपील
इस हमले के बाद भारत सरकार ने पश्चिम एशिया के इस संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में लगातार बढ़ रही हिंसक वारदातों पर सख्त रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने का यह सिलसिला तुरंत बंद होना चाहिए. भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और बातचीत के जरिए कूटनीतिक समाधान खोजने की पुरजोर अपील की है, ताकि वैश्विक व्यापारिक मार्ग सुरक्षित रह सकें.
