बजट सत्र: दावोस से मिली झारखंड को वैश्विक पहचान- सीएम

रांची: बजट सत्र के अंतिम दिन सीएम ने अपने समापन भाषण में कहा कि दावोस से झारखंड को वैश्विक पहचान मिली है....

रांची: बजट सत्र के अंतिम दिन सीएम ने अपने समापन भाषण में कहा कि दावोस से झारखंड को वैश्विक पहचान मिली है. झारखंड वैश्विक पटल पर पहली बार पहुंचने में कामयाब रहा. झारखंड यूके साथ मिलकर नॉलेज कॉरिडोर विकसित करेगा. राज्य के 50 युवाओं को फुल स्कॉलरशिप यूके के 30 संस्थानों में पढ़ाई के लिए दी जाएगी. ऑक्सफोर्ड और सेंट जॉन्स कॉलेज में पीएचडी के लिए स्कॉलरशिप दिया जाएगा. राज्य में गुरुजी संस्टेबल डॉक्टरेट योजना शुरू की जा रही है. इस तरह हर 10 युवाओं को लंदन के लगभग आधा दर्जन यूनिवर्सियी में पीएचडी करने का मौका मिलेगा. कांप्रेहेंसिव स्कीलिंग पैकेज भी शुरू किया जाएगा.

हर क्षेत्र में नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी

सीएम ने कहा कि हर क्षेत्र में नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी. राज्य में औल्ड पेंशन स्कीम लागू करने का निर्णय दूरगामी था. देश में सबसे पहले लागू किया गया. खाड़ी देश में युद्ध के कारण देश के आम नागरिक और कर्मचारियों के पैसे डूब रहे हैं. देश में ट्रंप का राज्य चल रहा है. योजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के लिए टाटा के सहयोग से सीएम टाटा इंटेलिजेंस की बनाया जाएगा. हर 50 अधिकारियों पदाधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी. एनर्जी ट्रांजिक्शन को बढ़ावा दिया जाएगा. वैशविक मंच से निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया गया है. 2028 तक राज्य के पांच प्रमुख स्थानों में इको टूरिज्म डेस्टीनेशन स्थापित किया जाएगा. ग्रीन एनर्जी व क्रिटिकल मिनरल्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी. रोजगार की संभावनाओं और तकनीकी ज्ञान को बढ़ाने के लिए आईटी पार्क बनाया जाएगा.

सबसे अधिक सरस्वती पूजा भारत में, पर बिरलियेंट बच्चे जापान में

सीएम ने कहा कि सबसे अधिक सरस्वती पूजा भारत में होती है, पर सबसे अधिक ब्रिलियेंट बच्चे जापान में पैदा होते हैं. सबसे अधिक लक्ष्मी पूजा देश में होती है पर सबसे अधिक अमीर अमेरिका में होते हैं. सबसे अधिक विश्वकर्मा पूजा भारत में होती है, लेकिन सबसे अधिक टैलेंट चाईना में है. जरूर कहीं न कहीं गड़बड़ है. विपक्ष के लोग लगे हैं पूजा करो लाठी डंडा चलाओ. पता नहीं कौन से रास्ते से विश्वगुरु बनना चाहते हैं ये समझ से परे है.

यह भी पढ़ें: झारखंड रूका नहीं, झुका नहीं, आगे बढ़ता रहा, वित्तीय प्रबंधन में झारखंड देश के तीसरे नंबर पर पहुंच गयाः हेमंत सोरेन

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *