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हजारीबाग पंचमंदिर में ताला तोड़कर कब्जे के प्रयास का मामला, आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज

Hazaribagh: शहर के ऐतिहासिक पंचमंदिर में कथित रूप से ताला तोड़कर कब्जा करने के प्रयास के मामले में सदर थाना में प्राथमिकी...

Hazaribagh: शहर के ऐतिहासिक पंचमंदिर में कथित रूप से ताला तोड़कर कब्जा करने के प्रयास के मामले में सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. मंदिर के पुजारी घनश्याम मिश्रा की शिकायत पर कांड संख्या 157/26 दर्ज करते हुए बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई है. मामले में डॉ. विनोद, प्रदीप साव समेत कुल आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है.

मंदिर के कई गेटों का ताला तोड़ने का आरोप

प्राथमिकी के अनुसार बुधवार की दोपहर लगभग तीन बजे आरोपित लोग सुनियोजित तरीके से पंचमंदिर परिसर पहुंचे और मंदिर के कई गेटों का ताला तोड़ दिया. शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने पुराने ताले हटाकर अपने ताले लगा दिए तथा मंदिर परिसर पर कब्जा करने का प्रयास किया. नामजद आरोपियों में राजेश साव, सुभाष साव, सुनील साव, विमल साव, आशीष साव और स्नेहल साव के नाम भी शामिल हैं.

न्यास कार्यालय और CCTV कक्ष पर कब्जे का आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने पंचमंदिर न्यास के कार्यालय और सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष को भी अपने कब्जे में ले लिया तथा वहां भी ताले जड़ दिए. पुजारी ने इसे न्यायालय में विचाराधीन मामले के बीच यथास्थिति भंग करने का प्रयास बताया है. गौरतलब है कि पंचमंदिर से जुड़ा स्वामित्व विवाद इस समय झारखंड उच्च न्यायालय में विचाराधीन है. मंदिर वर्तमान में झारखंड राज्य हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड के अधीन है. दूसरी ओर कुछ दावेदार इसे निसंतान दंपत्ति के वंशजों का पारिवारिक एवं निजी मंदिर बताते हुए पंचमंदिर न्यास समिति के गठन को चुनौती दे रहे हैं.

जनता की ओर से भी रखा गया है पक्ष

मामले में हिन्दू जनमानस की ओर से पंचमंदिर न्यास के उपाध्यक्ष नीलेंदु जयपुरियार ने हस्तक्षेप याचिका दायर कर अदालत के समक्ष सार्वजनिक हित का पक्ष रखा है. उनके द्वारा अदालत में ऐसे कई दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं, जिनमें मंदिर के ऐतिहासिक रूप से सार्वजनिक स्वरूप में संचालित होने का उल्लेख बताया गया है. दस्तावेजों में मैदा कुंवरी के दानपत्र की प्रति, बिहार एवं झारखंड धार्मिक न्यास बोर्ड के कार्यकाल से जुड़े अभिलेख तथा दावेदार परिवार के सदस्यों की न्यास में भागीदारी संबंधी विवरण भी शामिल बताए गए हैं.

प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद लौटाई गई चाबियां

घटना के बाद प्रशासन की पहल पर मंदिर के मुख्य प्रतिमा स्थल एवं प्रवेश द्वारों की चाबियां पुजारी को वापस सौंप दी गईं. फिलहाल मंदिर में पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां पुजारियों की देखरेख में संचालित हो रही हैं. पंचमंदिर विवाद को लेकर अब जिला प्रशासन, श्रद्धालुओं और हिन्दू जनमानस की निगाहें झारखंड उच्च न्यायालय के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं. वहीं मंदिर परिसर में कब्जे के कथित प्रयास की घटना के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में भी व्यापक चर्चा का माहौल बना हुआ है.

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