Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान सदर अस्पताल, चाईबासा में एक बार फिर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है. अस्पताल में भर्ती एक मरीज को कथित रूप से गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाने का आरोप लगा है.मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए हैं.
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय मरीज सुरेंद्र बोयपाई का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा था. चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार उन्हें छह यूनिट रक्त की जरूरत थी. आरोप है कि इसी दौरान मरीज को उसके ब्लड ग्रुप से अलग ग्रुप का रक्त चढ़ा दिया गया. मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. जुझार मांझी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल टीम का गठन किया गया है. जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि सिविल सर्जन ने यह भी कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मरीज को उसी ग्रुप का रक्त चढ़ाया गया था, जो उसका ब्लड ग्रुप है. बावजूद इसके पूरे मामले की जांच की जा रही है.
लगातार विवादों में सदर अस्पताल
गौरतलब है कि चाईबासा सदर अस्पताल पिछले कुछ समय से लगातार विवादों में रहा है. हाल ही में एड्स संक्रमित व्यक्ति का रक्त कई मरीजों को चढ़ाए जाने का मामला चर्चा में आया था. वह मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने के आरोप ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद मरीजों एवं उनके परिजनों में चिंता का माहौल है. वहीं जांच कमेटी के गठन के बाद अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मियों के बीच भी हलचल देखी जा रही है. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी.
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