Ranchi: पलामू जिले में गरीबी के कारण एक मां द्वारा अपने नवजात बच्चे को बेचने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा रुख अपनाया है. आयोग ने पलामू के डीसी को पत्र लिखकर 4 जून 2026 तक अतिरिक्त रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है. आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि क्या पीड़िता और उसके परिवार को कागजों से इतर वास्तव में सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं.
क्या है पूरा मामला?
चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन के बैजनाथ कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पलामू जिले के लेस्लीगंज ब्लॉक के लोटवा गांव में एक मां पिंकी देवी, ने अपनी बीमारी के इलाज के लिए अपने नवजात बच्चे को मात्र 50 हजार रुपये में बेच दिया था.
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि:
परिवार के पास आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे बुनियादी दस्तावेज नहीं थे. प्रशासन की ओर से मदद के नाम पर केवल 20 किलो चावल दिया गया. परिवार मंदिर के शेड में रहने को मजबूर था. आयोग के हस्तक्षेप के बाद, पलामू उपायुक्त ने 10 मार्च को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें बताया गया कि पीड़िता पिंकी देवी और उनके परिवार को सहायता प्रदान की गई है.
