Ranchi: झारखंड में कुदरत का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है. एक तरफ जहां सूरज की तपिश झुलसा रही है, वहीं दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव का क्षेत्र अब राज्य के लिए खतरे की घंटी बन गया है. अगले एक हफ्ते तक झारखंड में बादलों का डेरा रहेगा और तूफानी हवाओं के साथ आसमानी बिजली का तांडव देखने को मिल सकता है.
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम ने बढ़ाई चिंता
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिम-मध्य हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अभी भी स्थिर है. इसका असर समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक देखा जा रहा है. साथ ही मध्य प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल और सिक्किम तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जो झारखंड के मौसम को और भी अनिश्चित बना रही है.

पिछले 24 घंटों में पाकुड़ के अमरापाड़ा में सबसे ज्यादा 35.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है.
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अगले 6 दिनों के लिए जारी हुआ अलर्ट
• 14 मई: उत्तर-पश्चिमी और मध्य भागों को छोड़कर राज्य के बाकी हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं और वज्रपात की आशंका है.
• 15 व 16 मई: पूरे राज्य में छिटपुट स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी.
• 17 मई: धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़ और रांची में हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. गुमला और खूंटी में भी 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी.
• 18 मई: कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, रांची, धनबाद और चतरा में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. राज्य के बाकी हिस्सों में भी आंधी का असर रहेगा.
• 19 व 20 मई: पूर्वी और मध्य झारखंड के इलाकों में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा.
तापमान में भी दिख रहा बड़ा उतार-चढ़ाव
एक तरफ जहां लातेहार में न्यूनतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, वहीं डालटनगंज 42.0 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा. मौसम वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें.
