Ranchi: केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम को सोमवार देर रात एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. ब्यूरो की टीम ने गुमला पुलिस के सहयोग से एक संयुक्त छापेमारी अभियान चलाकर राजस्थान के जयपुर में हुए भारी मात्रा में डोडा तस्करी मामले के मुख्य वांछित आरोपी जीवन उरांव को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी जीवन उरांव गुमला थाना क्षेत्र के बासुआ गांव का निवासी है और लंबे समय से पुलिस व केंद्रीय जांच एजेंसियों को चकमा देकर फरार चल रहा था.
गुप्त सूचना पर स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी
केंद्रीय जांच एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि जयपुर डोडा तस्करी मामले में वांछित जीवन उरांव अपने गृह क्षेत्र गुमला के बासुआ गांव में छुपा हुआ है. इस इनपुट के आधार पर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने तुरंत गुमला थाना पुलिस से संपर्क साधा. इसके बाद दोनों टीमों ने मिलकर एक संयुक्त रणनीति तैयार की और सोमवार देर रात बासुआ स्थित जीवन उरांव के पैतृक आवास पर अचानक दबिश दी. पुलिस और ब्यूरो की इस त्वरित कार्रवाई के कारण आरोपी को संभलने का मौका नहीं मिला और उसे उसके घर से ही दबोच लिया गया. राहत की बात यह रही कि पूरी गिरफ्तारी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या विरोध की स्थिति सामने नहीं आई.

क्या है पूरा मामला?
मामला मई 2026 का है, जब राजस्थान के जयपुर में नारकोटिक्स विभाग ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था. 16 मई 2026 को की गई इस छापेमारी में विभाग ने 1868 किलोग्राम अवैध डोडा बरामद किया था. इस भारी बरामदगी के बाद जब मामले की कड़ियों को जोड़ा गया और गहन तकनीकी व जमीनी जांच की गई, तो इसमें झारखंड के गुमला निवासी जीवन उरांव की सीधी संलिप्तता और मुख्य भूमिका होने की बात सामने आई. मामले में नाम आने के बाद से ही जीवन उरांव केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की रडार पर था, लेकिन वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था.


