Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में मानवता और सामाजिक एकजुटता की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली. एक स्थानीय मजदूर की पत्नी का इलाज के दौरान निधन हो जाने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अंतिम संस्कार कराने में असमर्थ था. ऐसी कठिन परिस्थिति में पंचायत की मुखिया तथा स्थानीय युवाओं ने आगे बढ़कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई और आपसी सहयोग से चंदा एकत्र कर महिला का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया. इस मानवीय पहल की सराहना क्षेत्रभर में हो रही है.
पूरे धार्मिक रीति-रिवाज एवं सम्मान के साथ कराया गया महिला का अंतिम संस्कार
जानकारी के अनुसार, मृतका पिछले कई दिनों से बीमार थी और उसका इलाज सेल (SAIL) अस्पताल में चल रहा था. उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई. परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना संभव नहीं था. अस्पताल कर्मियों से सूचना मिलने के बाद पंचायत की मुखिया मौके पर पहुंचीं और स्थानीय युवाओं के साथ मिलकर तत्काल सहयोग अभियान शुरू किया. मुखिया के नेतृत्व में युवाओं ने स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग जुटाया तथा कफन-दफन सहित अंतिम संस्कार की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं. पूरे धार्मिक रीति-रिवाज एवं सम्मान के साथ महिला का अंतिम संस्कार कराया गया. इस दौरान ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई.

मानवता और आपसी सहयोग ही समाज की सबसे बड़ी ताकत
मुखिया ने कहा कि समाज में जब भी कोई परिवार असहाय और संकट में हो, तब सभी लोगों का कर्तव्य है कि वे बिना किसी भेदभाव के मदद के लिए आगे आएं. उन्होंने कहा कि मानवता और आपसी सहयोग ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है. इस संवेदनशील पहल की स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रशंसा करते हुए कहा, कि ऐसे कार्य समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं तथा दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं.
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