NewsWave Desk : केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन यानी ATF के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी में एक बार फिर बदलाव की है. पेट्रोल के निर्यात पर ड्यूटी बढ़ाई गई है जबकि डीजल और विमान ईंधन के निर्यात ड्यूटी घटाया गया है. इस आदेश के तहत पेट्रोल के निर्यात पर 4 रुपये प्रति लीटर ड्यूटी लगेगी. पहले 1.5 रुपये थी. डीजल के निर्यात पर ड्यूटी 14 रुपये से घटाकर 8.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. विमान ईंधन के निर्यात पर यह 12.5 रुपये से घटाकर 7.5 रुपये प्रति लीटर हो गई है. नयी दरें जुलाई से लागू कर दी गयी है.
आम जनता पर बोझ नहीं
जानकारी हो कि दरों में वृद्धि सिर्फ एक्सपोर्ट होने वाले ईंधन पर की गयी है. जिसका अर्थ है ऐसे ईंधन पर ये दरें लागू होंगी, जो देश के बाहर भेजा जाता है. देश के अंदर पेट्रोल पंप पर बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ता. गाड़ी में भरने वाले तेल का दाम इस आदेश से नहीं बदलेगा.

क्यों की गयी वृद्धि
मीडिल ईस्ट में तनाव के बीच सरकार ने 27 मार्च 2026 से पेट्रोल डीजल और एटीएफ के निर्यात पर यह खास ड्यूटी लगाई थी. जिसका मकसद तेल बाहर भेजने के बजाय देश में ही उपलब्ध रखना है. जिससे घरेलू बाजार में किल्लत न हो. ये दरें हर 15 दिन में अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव के हिसाब से घटाई और बढ़ाई जाती हैं. पेट्रोल पर ड्यूटी बढ़ना और डीजल और विमान ईंधन पर घटना इन्हीं भावों में हुए बदलाव को दिखाता है.
कुछ पड़ोसी देशों को छूट
हालांकि केंद्र सरकार इस आदेश के तहत दो देशों को छूट दी है. जिसमें पेट्रोल- डीजल और ।ज्थ के निर्यात पर इस ड्यूटी से सरकारी तेल कंपनियों को कुछ पड़ोसी देशों में छूट मिलती है. इसमें नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका, मालदीव और मॉरीशस शामिल है. आदेश 30 जून को जारी किया गया. जो एक जुलाई से लागू है.
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