NewsWave Desk : असम में ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है. ऐसे में क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई. नदी के उफान पर होने से एक व्यक्ति की मौ हो गई और छह जिलों में 46,000 से अधिक लोग प्रभावित है. एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई. जिसके मुताबिक ब्रह्मपुत्र सहित दो प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. जिससे विभिन्न हिस्सों में बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने अपनी बाढ़ बुलेटिन में बताया कि धेमाजी जिले के सिसिबोरगांव में बाढ़ के पानी में डूबने से एक महिला की मृत्यु हो गई. जो इस साल राज्य में आई बाढ़ से होने वाली पहली मृत्यु है. मुख्यमंत्री हिमंत विसवा शर्मा ने प्रभावित क्षेत्रों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है. साथ ही बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर रहे हैं.
मंत्री कर रहे दौरा
सीएम हेमंता विसवा शर्मा ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि राज्य सरकार ने बाढ़ नियंत्रण के प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ी है. स्थिति की निरंतर गहन निगरानी की जा रही है. वहीं मंत्रिपरिषद के अन्य मंत्री भी राहत कार्य में लगे हुए है. वहीं, जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहाईं और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और लोगों से बातचीत की.

46,938 लोग बाढ़ से प्रभावित
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और विश्वनाथ सहित छह जिलों के 10 राजस्व मंडलों और 221 गांवों के 46,938 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. धेमाजी जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां 45,841 लोग बाढ़ से पीड़ित हैं.
राहत शिविरों में 450 लोग शरण लिये हुए है
नेआमतीघाट पर ब्रह्मपुत्र और नांगलामुराघाट पर दिसांग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी. चार राहत शिविरों में 450 से अधिक विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं. जबकि छह अन्य राहत सामग्री वितरण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं.राज्य में 3809.0243 हेक्टेयर कृषि भूमि भी बाढ़ में डूबी हुई है.


